सेल देने जा रहा दो किस्तों में 39 माह का बकाया एरियर, पहली किस्त में जारी होगा 600 करोड़, अगस्त में भुगतान संभव

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारियों के बकाया एरियर को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। 39 माह के बकाया एरियर का भुगतान दो किस्तों में किया जाएगा। पहली किस्त 600 करोड़ की होगी, लेकिन भुगतान वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही अप्रैल-जून के वित्तीय परिणाम देखने के पश्चात किया जाएगा। इस बात का दावा भिलाई श्रमिक सभा-एचएमएस के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने किया है।

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यूनियन महासचिव ने बताया कि उच्च प्रबंधन के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सेल प्रबंधन ने 39 महीने के एरियरर्स भुगतान को दो किस्तों में करने का निर्णय लिया है। पहली किस्त 600 करोड़ की होगी। इस किस्त का भुगतान 2022-23 की पहली तिमाही अप्रैल-जून के वित्तीय परिणाम देखने के बाद ही किया जाएगा। गौरतलब है कि एचएमएस यूनियन के एनजेसीएस सदस्य राजेंद्र सिंह ने 26 मई को चेयरमैन सोमा मंडल से 39 महीने के बकाया एरियरर्स एवं एनजेसीएस बैठक बुलाने की मांग की थी, जिस पर चेयरमैन ने आश्वस्त कर जल्द निर्णय की लेने की बात कही थी। अप्रैल-जून 2022-23 वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम जुलाई माह में घोषित हो जाएंगे। संभवत अगस्त माह में पहली किस्त का भुगतान कर दिया जाएगा।

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इधर- सेल कॉरपोरेट ऑफिस की ओर से सेल पेंशन स्कीम के संदर्भ में एक सर्कुलर जारी किया गया है। इस सर्कुलर के अनुसार इसमें ऐसे संशोधन किए गए हैं, जो कर्मचारियों के ऊपर प्रहार है। भिलाई श्रमिक सभा-एचएमएस का मानना है कि इस सर्कुलर में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सेल प्रबंधन अपने कर्मचारियों को अपने परिवार का हिस्सा नहीं मानता।
महासचिव प्रमोद मिश्र बताते हैं कि एनजेसीएस में हुए समझौते के अनुसार सेल द्वारा कर्मचारियों के लिए पेंशन अंशदान 6% तय किया गया था, क्योंकि ग्रेच्युटी की कोई सीमा नहीं थी। डीपी गाइड लाइन के अनुसार सेवानिवृत्ति के समय 30% का लाभ दिया जाना है, जिसमें पीएफ, ग्रेच्युटी, मेडिक्लेम, सेल पेंशन शामिल है। अधिकारियों की ग्रेच्युटी सीलिंग होने के कारण उन्हें एक जनवरी 2007 से 9% पेंशन अंशदान तय किया गया था।
कर्मचारियों के लिए 1 जनवरी 2012 से 6% पेंशन अंशदान तय किया गया था, जिसे एनजेसीएस में 2014 में हुए वेतन समझौते में शामिल किया गया था। सेल प्रबंधन द्वारा एनजेसीएस के समझौतों का उल्लंघन कर एक तरफा ग्रेच्युटी सीलिंग का आदेश जारी किया है। जब 1 नवंबर 2021 से ग्रेजुएटी सीलिंग का आदेश जारी हुआ तो 1 नवंबर 2021 के पश्चात सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का पेंशन अंशदान 1 जनवरी 2007 से 9% दिया जाना चाहिए था, लेकिन यह भी प्रक्रिया एनजेसीएस के माध्यम से ही होनी चाहिए थी।
जब एक बार समझौता एनजेसीएस में ग्रेजुएटी के लिए हो चुका है, तो दोबारा यदि इसमें कोई बदलाव किया जाना है तो एनजेसीएस में ही होना चाहिए था। लेकिन प्रबंधन ने 1 नवंबर 2021 से 9% पेंशन अंशदान देने का इस सर्कुलर में उल्लेख किया है, जो कर्मचारी हित में नहीं है। यदि इसमें संशोधन करना है तो 1 जनवरी 2007 से 9% पेंशन अंशदान दिया जाना चाहिए। प्रबंधन द्वारा 1 अप्रैल 2021 के पश्चात पेंशन अंशदान कर्मचारियों के पेंशन खाते में नहीं जमा किया है, जबकि इसे हर माह जमा किया जाना चाहिए।
ऐसा नहीं होने से कर्मचारियों को हर माह 10 से 12% ब्याज का नुकसान हो रहा है। इस प्रकार 18 माह हो चुके हैं, कितना नुकसान हुआ है इसका आकलन कर्मचारी स्वयं लगा सकते हैं। इस सर्कुलर में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि ब्याज का दावा नहीं किया जा सकता है, जो कर्मचारियों के हितों के विरुद्ध है। इस सर्कुलर के अनुसार सेल प्रबंधन घाटे की अवस्था में पेंशन अंशदान देना बंद कर सकता है।

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