यूनियन बोली-बीएसएल कर्मियों को यह साबित करना होगा कि वे भी इंसान हैं और उनके चेयरमैन तथा डायरेक्टर पर्सनल भी इंसान हैं।
- हॉट स्ट्रिप मिल और एचआरसीएफ विभाग में बीएकेएस का प्रदर्शन।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने अपने द्वितीय चरण के आंदोलन के तीसरे दिन एचआरसीएफ के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में विभाग के अधिकांश नियमित कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रदर्शन का संचालन विभागीय प्रतिनिधि संजीत सिंह ने किया। यूनियन का कहना है कि सेल और बीएसएल प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों की मांगों को लंबित रखने और मुद्दों के समाधान में देरी किए जाने से कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए बीएकेएस ने चार चरणों में आंदोलन की घोषणा की है।
यूनियन के अनुसार, सेल के अधिकारी वर्ग की सामान्य मांगों को प्रबंधन अपेक्षाकृत आसानी से स्वीकार कर लेता है, जबकि बीएसएल कर्मचारियों की 100 से अधिक स्थानीय और सेल स्तर की मांगें वर्षों से लंबित हैं।
यूनियन ने कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि फेस्टिवल एडवांस की राशि में वर्ष 2008 से संशोधन नहीं किया गया है। इसी तरह आवास और वाहन ऋण की सुविधा वर्ष 2012 से बंद है। लॉन्ग सर्विस अवार्ड के रूप में कर्मचारियों को स्टील के बर्तन दिए जा रहे हैं, जबकि कर्मचारियों के बच्चों को छात्रवृत्ति के रूप में 150 से 200 रुपये प्रतिमाह दिए जाने का दावा किया गया। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर सेल कर्मचारियों में असंतोष और आक्रोश है।
बोनस को लेकर भी उठाए सवाल
सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के उपाध्यक्ष कृष्ण रजवार ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर, 19 मिलियन टन से अधिक लगातार क्रूड स्टील उत्पादन और लगातार पांच वर्षों से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक EBITDA के बावजूद कर्मचारियों को 28 से 30 हजार रुपये के आसपास बोनस मिलना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि स्थिर और कम होते मैनपावर कॉस्ट, घटते मैनपावर और बढ़ती लेबर प्रोडक्टिविटी के बावजूद बोनस निर्धारण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ASPLIS फॉर्मूले से कर्मचारियों में असंतोष है।
कृष्ण रजवार ने केंद्र के इस्पात मंत्रालय और सेल प्रबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन की नीतियों के कारण सेल कर्मचारी अपनी मांगों के समाधान के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
सभा को यूनियन महासचिव हरिओम, अध्यक्ष दिलीप कुमार, उपाध्यक्ष कृष्ण रजवार, उपमहासचिव माणिक मुंडा, कोषाध्यक्ष राहुल साव तथा यूनियन कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों ने संबोधित किया।
‘अब शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे’
हॉट स्ट्रिप मिल के विभागीय प्रतिनिधि शत्रुंजय सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि बीएसएल कर्मियों को यह साबित करना होगा कि वे भी इंसान हैं और उनके चेयरमैन तथा डायरेक्टर पर्सनल भी इंसान हैं। उन्होंने कहा कि एक इंसान द्वारा दूसरे इंसान का शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
