सेल के इतिहास में जो कभी न हुआ, वह दिन अब दिख रहा, 39 महीने का पैसा दबाया है प्रबंधन ने, स्वास्थ्य कर्मी बोले-बायोमेट्रिक नहीं, समय बर्बादी का है डिब्बा

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात मजदूर संघ-बीएमएस ने अपने जनसंपर्क अभियान के तहत सेक्टर-9 हॉस्पिटल का दौरा किया। पदाधिकारियों ने अपनी बातें कर्मचारियों के मध्य रखी। हॉस्पिटल स्टाफ ने भी अपनी बातों को यूनियन पदाधिकारियों के मध्य रखा। उनका एक यक्ष प्रश्न था कि अधिकारियों का वेज रिवीजन पूरा हो गया है, पर हम लोगों का वेज रिवीजन कब पूरा होगा। 39 महीने का एरियर मिलेगा कि नहीं? क्योंकि अभी तक किसी भी वेज रिवीजन में एरियर का पैसा रोका नहीं गया, पर इस बार यह कैसा एमओयू किया गया है कि जिस में प्रबंधन हमारा पैसा हमें नहीं देना चाहता। इसके लिए जिम्मेदार कौन है। तीन यूनियनों के जिन बड़े नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। वह अब प्रबंधन पर दबाव क्यों नहीं बना पा रहे। अधूरा वेतन समझौते से उन्हें क्या लाभ हुआ है।

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बायोमेट्रिक को लेकर भटकते हैं स्टाफ

इसी प्रकार उन्होंने हॉस्पिटल में बायोमेट्रिक लगाए जाने पर सवाल उठाया कि हम लोग 9 घंटा काम करते हैं, उसके बाद भी प्रबंधन को हम पर विश्वास नहीं है और बायोमेट्रिक थोप दिया, जिसमें कार्ड कभी काम करता है कभी नहीं करता। कभी मशीन चलती है कभी नहीं चलती। अपनी ही हाजिरी के लिए यहां से वहां घूमते रहते हैं। डॉक्टरों ने तो इसे समय बर्बादी का डिब्बा बताया है।

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नर्सों ने कहा माइंस की तरह हमें भी दें रिस्क एलाउंस

नर्सों ने कहा कि जब माइंस में रिस्क एलाउंस दिया जा सकता है तो हम भी तो विभिन्न प्रकार की बीमारियों के बीच कार्य करते हैं। इसलिए हमें भी रिस्क अलाउंस दिया जाना चाहिए। यूनियन पदाधिकारियों ने अपने दौरे में पाया कि अस्पताल में डॉक्टर, नर्स की भारी कमी है। यूरोपियन टॉयलेट नहीं होने से मरीजों को बहुत परेशानी होती है। सोनोग्राफी यूनिट में एकमात्र टॉयलेट है,, जिसे स्त्री और पुरुष दोनों को इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जो बहुत ही असुविधा जनक है। पीने के पानी के कूलर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।

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कैंटीन समस्याओं का भी खुला पिटारा

इसी प्रकार कैंटीन प्रबंधक द्वारा अधिक रेट, पर्याप्त मात्रा में सामान उपलब्ध नहीं होना, रेट लिस्ट का नहीं होना, कैंटीन परिसर में इस भीषण गर्मी में कूलर का नहीं होना भी कई सवालों को जन्म दे रहा है। यूनियन पदाधिकारियों ने कैंटीन प्रबंधक को बुलाकर समझाइश दी कि किस प्रकार की शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए।

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ये पदाधिकारी रहे मौजूद

कार्यकारी अध्यक्ष चन्ना केशवलू, महामंत्री रवि शंकर सिंह, एविसन वर्गीस, शारदा गुप्ता, उमेश मिश्रा, विनोद उपाध्याय, रवि चौधरी, रामजी सिंह अशोक माहोर प्रदीप पाल महेंद्र सिंह आर के पांडे सुरेंद्र चौहान अनिल गजभिए सुरेंद्र गजभिए मोहनदास राज नारायण सिंह नवनीत हरदेल राजेश बघेल सतीश बंजारे रेनू बाला राज विवेक पद्मानाभन थे

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