ट्रेड यूनियन के शून्यता काल में प्रबंधन जान-बूझकर हावी हुआ, सीटू के आने से नाजायज हावी होने की प्रवृत्ति पर लगा था ब्रेक, जानिए किसने कही ये बात…


कर्मचारी यूनियन सीटू के पदाधिकारियों ने बोरिया गेट मार्केट में कर्मियों से की मुलाकात। वादे नहीं इरादे से कराया अवगत।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट के मान्यता प्राप्त यूनियन चुनाव में प्रचार अभियान प्लांट, टाउनशिप, घर और बाजार तक पहुंच चुका है। कर्मचारी यूनियन सीटू के पदाधिकारियों ने रविवार को बोरिया गेट पर प्रचार अभियान चलाया। भिलाई इस्पात संयंत्र के बोरिया गेट के सामने स्थित बोरिया मार्केट हर दिन सुबह सूरज निकलने के पहले ही सज जाता है, यहां पर रात्रि पाली करके घर को लौटने वाले कर्मी सैकड़ों की तादाद में चाय पीने, आवश्यकता अनुसार अन्य सामानों को खरीदने के लिए जमा होते हैं। आधे घंटे से लेकर 2 घंटे तक आपस में गपशप करते हैं। सही मायने में देखा जाए तो यहां हर दिन सुबह संयंत्र में घट रही गतिविधियों से लेकर देश की राजनीति तक हर विषय पर चर्चा होती है। इन कर्मियों से मुलाकात करने सीटू की टीम रविवार सुबह 6:00 बजे बोरिया गेट मार्केट पहुंची। कर्मियों से लगभग 2 घंटे तक मेल-मुलाकात एवं चर्चा की। यूनियन का कहना है कि कर्मियों का अच्छा समर्थन प्राप्त हुआ।

ये खबर भी पढ़ें: एफएसएनएल को बचाने की जंग में कूदा बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन, यूनियन भी आएगा साथ, 5 को गेट मीटिंग और सात को कैंडिल मार्च

सीटू को मिल रहा है अच्छा प्रतिसाद

सीटू के संगठन सचिव डीवीएस रेड्डी ने कहा कि जैसे-जैसे प्रचार आगे बढ़ रहा है। वैसे-वैसे कर्मियों से सीटू को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। मुलाकात के दौरान कर्मी ना केवल सीटू के कार्यकाल में किए गए कामों को याद करते हैं, बल्कि सीटू के ईमानदार छवि तथा सीटू कार्यकाल में संयंत्र में कर्मियों को वापस दिलाए मान सम्मान को भी गर्व से बताते हैं। यहां एक बात उल्लेखित करना आवश्यक हो जाता है कि ट्रेड यूनियन के शून्यता काल में धीरे-धीरे करके कई विभागों में प्रबंधन जान-बूझकर हावी होता चला गया था। सीटू के मान्यता में आने के बाद इस तरह की नाजायज हावी होने की प्रवृत्ति पर रोक लगी थी।

ये खबर भी पढ़ें: बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन ईडी से मैनेजर तक के अधिकारियों का कल करेगा सम्मान, जून में हुए रिटायर

सभी मानते हैं सीटू के संघर्षों को

सीटू के सहायक महासचिव एसएसके पनिकर बताते हैं कि कर्मियों से मुलाकात के दौरान कर्मी इस बात को कहते ही हैं कि हम सीटू के संघर्षों को नहीं भूल पाए हैं। वहीं, अलग-अलग विभागों में कार्यरत दूसरे यूनियनों के जमीनी नेता एवं कार्यकर्ता भी मानते हैं कि कर्मियों के लिए किए जाने वाले संघर्षों में सबसे आगे है।

ये खबर भी पढ़ें: सीटू के स्टील जोन सेक्रेटरी कुंज बिहारी मिश्र को ब्रेन स्ट्रोक, हुआ ऑपरेशन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!