ठेका मजदूरों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, सीटू नेता योगेश सोनी, जमील और कमलेश का दो साल तक रुका इंक्रीमेंट, एक और बड़ी कार्रवाई की तैयारी

अज़मत अली, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट के ठेका मजदूरों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाना सीटू के तीन नेताओं को भारी पड़ गया है। ठेका मजदूरों को पूरी मजदूरी दिलाने, छंटनी रोकने, पूरी हाजिरी लगवाने और आरोपित ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अक्सर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को प्रबंधन ने राडार पर ले लिया है।

सीटू ठेका प्रकोष्ठ के तीनों नेताओं को आर्थिक रूप से चोट पहुंचाई गई है। दो-दो साल का इंक्रीमेंट डाउन कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि एक और बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसके तहत चार साल तक इन्हें कोई इंक्रीमेंट नहीं दिया जाएगा। फिलहाल, उसका आदेश जारी नहीं हुआ है।

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बीएसपी प्रबंधन की ओर से पॉवर सिस्टम डिपार्टमेंट के मास्टर ऑपरेटर कम टेक्नीशियन योगेश सोनी और इंजीनियरिंग ड्राइंग एंड डिजाइन-ईडीडी में मास्टर ऑपरेटर कम टेक्नशियन कमलेश चोपड़ा पर कार्रवाई करते हुए पेपर थमा दिया गया है। वहीं, इंस्ट्रूमेंटेशन डिपार्टमेंट के टेक्नीशियन जमील अहमद को भी पेपर किसी दिन थमाया जाएगा। प्रबंधन की ओर से आरोप लगाया गया है कि 18 जून 2020 को आइआर विभाग के सामने नियम विरुद्ध प्रदर्शन किया गया था। विभागीय जांच में आरोपित बनाए गए नेताओं पर कार्रवाई की जा रही है।

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बता दें कि सेक्टर-9 अस्पताल की लाउंड्री से कुछ कर्मचारियों को निकाल दिया गया था। कर्मचारियों ने आइआर विभाग के सामने प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के लिए सीटू ठेका यूनियन से समर्थन मांगा गया था, जिसके समर्थन में श्रमिक नेता मौके पर पहुंचे थे। इसी को आधार बनाकर प्रबंधन ने कार्रवाई की है।

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इसी मामले को लेकर तत्कालीन ईडी पीएंडए एसके दुबे के नेतृत्व में भिलाई निवास में एडीएम, सीएसपी, यूनियन प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि शामिल हुए थे। जिसमें तय किया गया था कि किसी की छंटनी नहीं होगी।। फैसले पर अमल न होने के खिलाफ लाउंड्री के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था। ठेकेदारों की मनमानी और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने वालों को प्रबंधन ने कागजी कार्रवाई के चपेट में ले लिया है।

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