मिशन 3000 एमटी के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने अगले 5 सालों का बनाया मास्टर प्लान

सूचनाजी न्यूज, जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल द्वारा माल यातायात की लोडिंग में अपने अधोसरंचना कार्यों को गति प्रदान करते हुए रेलवे राजस्व वृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत है। भारतीय रेलवे द्वारा अगले कुछ वर्षाें में माल यातायात के फ्रेट लोडिंग में मिशन 3000 मिलियन टन की योजना तैयार की जा रही है। इसी श्रृंखला में पश्चिम मध्य रेल ने भी मिशन 3000 मिलियन टन के तहत फ्रेट लोडिंग के लिए अगले पांच वर्षों की योजना बनाई है। इस मिशन मोड़ के तहत पमरे द्वारा अगले पाँच वर्षों में अपने फ्रेट लोडिंग को 100 मिलियन टन से अधिक करने की योजना बनाई है।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा माल यातायात में जबलपुर मण्डल में 70 प्रतिशत, भोपाल मण्डल में 15 प्रतिशत एवं कोटा मण्डल में 15 प्रतिशत फ्रेट लोडिंग होती है। जिसमें कमोडिटी वाइज लोडिंग मुख्यतः 10 सामग्रियों का लादान किया जाता है, जिसमें 28% सीमेंट, 19% कोयला, 13% क्लिंकर, 13% खाद्यान्न, 10% खाद, 05% आयरन ओर तथा 02% कन्टेनर है, जो कि माल यातायात का कुल 90% होता है। पमरे द्वारा वर्ष 2021-22 में फ्रेट लोडिंग 46.40 मिलियन टन की वृद्धि करते हुए गत वर्ष से 06.17 प्रतिशत अधिक लोडिंग दर्ज की गई।

पमरे ने भी मिशन मोड़ के तहत आपेक्षित लक्ष्य के साथ वर्ष 2022-23 में 50 से अधिक मिलियन टन, वर्ष 2023-24 में 60 से अधिक मिलियन टन, वर्ष 2024-25 में 75 से अधिक मिलियन टन, वर्ष 2025-26 में 90 से अधिक मिलियन टन एवं वर्ष 2026-27 में 100 से अधिक मिलियन टन फ्रेट लोडिंग की योजना की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में पमरे द्वारा इस मिशन के तहत वर्ष 2022-23 के अप्रैल से जून तक माल यातायात में 13.13 मिलियन टन फ्रेट लोडिंग की वृद्धि हुई है।
इस मिशन 3000 मिलियन टन पश्चिम मध्य रेल पर फ्रेट लोडिंग को बढ़ावा देने के लिए नेक्स्ट जनरेशन फ्रेट यार्ड बनाने की योजना बनाई जा रही है।

  • वार्षिक बजट 2022-23 में 1980 करोड़ रुपये की कुल लागत से 11 नेक्स्ट जेनरेशन फ्रेट मेंटेनेंस यार्ड के लिए कार्य स्वीकृत किया गया है। जिसमे पश्चिम मध्य रेल का एनकेजे यार्ड 11 चिन्हित यार्डों में से एक है। रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित मापदण्डो के अनुसार पमरे के यार्डों को विस्तृत एवं विकसित किया जायेगा।
  • प्रस्तावित यार्ड का विस्तृत लेआउट विकसित करें।
  • ढके हुए शेड और अन्य सहायक सुविधाओं का विस्तृत डिजाइन विकसित करना।
  • यार्ड में आवश्यक सुविधाओं की तकनीकी विशिष्टताओं को फ्रेम करें।
    इस फ्रेट एग्ज़ामिनेशन के तहत आधुनिक एनकेजे यार्ड में गुड्स रैको के एग्ज़ामिनेशन में कम समय और शंटिंग को कम से कम किया जाएगा तथा ज्यादा से ज्यादा रैक एग्ज़ामिनेशन कर लोडिंग के लिए उपलब्ध कराये जायेंगे। इसी प्रकार माल यातायात में मुख्यतः सीमेन्ट, क्लिंकर एवं कोल की फ्रेट लोडिंग में वृद्धि करते हुए आपेक्षित लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक सीमेन्ट एवं क्लिंकर में 33 से अधिक मिलियन टन और कोल में 17 से अधिक मिलियन टन की योजना बनाई है।
  • पश्चिम मध्य रेल द्वारा मिशन 3000 मिलियन टन के तहत माल यातायात की उतरोत्तर वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है ओर आगे भी जारी रखेगा। इसके साथ ही अतिरिक्त प्रबंधन प्रणाली को मजबूत और मित्रवत बनाकर फेट लोडिंग के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!