पहले पता करें चक्रवृद्धि ब्याज सबसे ज्यादा कौन सी क्रेडिट सोसाइटी दे रही, फिर बनें सदस्य

अज़मत अली, भिलाई। कर्मचारी-को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड का सदस्य बनना चाहते हैं तो कई जरूरी बातों को ध्यान में रखें। सोसाइटी का सदस्य बनने से पहले पूरे नियमों को जरूर पढ़ें। इससे आपको पता चल जाएगा कि क्या-क्या लाभ मिलेगा और कहां नुकसान हो सकता है। किसी भी एक सहकारी समिति पर निर्भर रहने के बजाय दूसरी सोसाइटी की सुविधाओं के बारे में भी पता कर लें, ताकि बाद में आपको अफसोस न रह जाए। खासतौर से तीन बातों की जानकारी जरूर लें। पहली बात अधिकतम लोन की सीमा और सामान्य किस्त कितनी होगी। दूसरी जमा राशि पर चक्रवृद्धि ब्याज दर कितनी मिलेगी और तीसरी बात लाभांश के बारे में पता कर लें।

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इस्पात कर्मचारी-को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-6 के अध्यक्ष बृजबिहारी मिश्र बताते हैं कि सहकारी समितियों का उद्देश्य मदद करना और कर्मचारियों को साहूकारों से बचाना है। इस्पात कर्मचारी-को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-6 जमा राशि पर बैंकों से ज्यादा सात प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज अदा करता है। इसी तरह अन्य सोसाइटी भी अदा करती होंगी, जिसकी जानकारी जरूर लेना चाहिए। हर माह सदस्यों के वेतन से जो कटौती होती है, उस पर हर साल सात प्रतिशत का चक्रवृद्धि ब्याज दिया जाता है। आज के समय में किसी भी बैंक में डिपोजिट पर ब्याज दर सात प्रतिशत नहीं है। अधिकतम साढ़े पांच से 6 प्रतिशत तक ही दिया जा रहा है। कर्मचारियों के लिए यह लाभ का सौदा होता है।

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आरडी को अपने ऋण में करें समायोजित

खास यह कि पांच साल बाद आरडी को वापस ले सकते हैं। या अपने ऋण में समायोजित कर सकते हैं। लोन बैलेंस होने और आरडी है तो उसमें इसे समायोजित कर ऋणमुक्त हो सकते हैं। सोसाइटी में आरडी आपकी सेविंग है। इस सेविंग पर आपको सात प्रतिशत सोसाइटी ब्याज दे रही है। पांच साल के बाद अगर आप इस राशि को निकालना चाहते हैं तो निकाल सकते हैं। यह भी सुविधा है कि इसे अपने ऋण में समायोजन करा सकते हैं। उदाहरण के रूप में 80 हजार रुपए किसी का ऋण है और इसका ब्याज आठ हजार रुपए होता है। साथ ही आरडी में अगर जो भी राशि जमा है, तो उस राशि को ऋण में समायोजित किया जा सकता है।

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क्रेडिट सोसाइटी के लाभांश का वितरण

इस्पात कर्मचारी-को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-6 के प्रबंधक एम. मुरलीधर बताते हैं कि हर साल लाभ कमाने वाली संस्था है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में एक करोड़ 49 लाख का लाभ हुआ। संस्था निरंतर लाभ अर्जित कर रही है। लाभांश का वितरण किया जाता है। हर माह करीब डेढ़ से पौने दो करोड़ का लोन दिया जा रहा है। नई कमेटी ने इमरजेंसी लोन की सीमा दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर दिया। इससे एक अप्रैल 2022 से लोन का उठाव बढ़ गया। पहले एक करोड़ रुपए आता था, अब डेढ़ से पौने दो करोड़ का लोन दिया जा रहा है।

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