कई सहकारी समितियों से आप ले सकते हैं एक साथ लोन, जानिए सही तरीका

अज़मत अली, भिलाई। सूदखोरों की चौखट पर आप न ही जाएं तो बेहतर होगा। अपना अर्थतंत्र बिगड़ने से बचाना चाहते हैं तो सूदखोरों से दूरी बनाएं। इमजरेंसी में हर किसी को पैसे की जरूरत पड़ती है। इसी का फायदा उठाकर सूदखोर मोटी रकम आप से ऐंठते हैं। आर्थिक सहयोग के लिए आप किसी भी सोसाइटी से लोन ले सकते हैं।

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अगर, आप किसी एक को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के सदस्य हैं तो दूसरी या तीसरी किसी भी सोसाइटी से लोन ले सकते हैं। इस तरह की व्यवस्था होती है। आपके शहर में इस तरह की कौन-कौन सी सोसाइटी है, इस बारे में आप पता कर लें। एक साथ कई सोसाइटी से लोन लेने का सही तरीका क्या है, यह सूचनाजी.कॉम आपको बता रहा है।

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सदस्यता निरस्त करने की जरूरत नहीं…

इस्पात कर्मचारी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-6 भिलाई के अध्यक्ष बृजबिहारी मिश्र ने लोन लेने का सही तरीका बताया। अगर, कोई सदस्य पांच लाख से अधिक का ऋण प्राप्त करना चाहता है। वह किसी अन्य सोसाइटी का सदस्य है, तो उसे वहां की सदस्यता निरस्त करनी पड़ती थी। अब यह बाध्यता समाप्त हो गई है। दूसरी संस्था से सिर्फ एनओसी लाना पड़ता है। वह भी नियमित ऋण प्राप्त करने के लिए। इमरजेंसी लोन के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं है।

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सरल आवेदन पत्र भरिए और पैसा पाइए

यानी आप जिस को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के सदस्य हैं, वहां से एनओसी लेकर दूसरी सहकाकरी समिति में जमा करने मात्र से आप लोन लेने के पात्र हो जाएंगे। लोन लेने की प्रक्रिया आसान है। आवेदन पत्र भरकर जमा करना होगा। इसके बाद आपको लोन दिया जाएगा।

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भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों ने 1963 में सूदखोरों से बचाया

भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों को सूदखोरों ने घेर रखा था। पैसे की जरूरत को पूरा करने के लिए साहूकार ही माध्यम थे। इनके तांडव से कर्मचारियों को बचाने की मुहिम 1962 से शुरू हुई। कुछ कर्मचारियों ने मिलकर 30 सिंतबर 1963 में इस्पात कर्मचारी कॉपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी सेक्टर-6 की स्थापना की।

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सहकार की भावना से सदस्यों की मदद। बैंकों से लोन लेना कठिन था। इसलिए इसकी स्थापना की गई। सेक्टर-6 में मुख्यालय है। इसकी चार शाखाएं पॉवर हाउस, नंदिनी, रिसाली और राजहरा में है। सदस्यों की संख्या 4400 है। नंदिनी में पौने दो सौ और राजहरा में चार सौ सदस्य हैं। भिलाई की पहली को-ऑपरेटिव सोसाइटी है। यहीं से भिलाई नागरिक सहकारी बैंक, स्मृतिनगर गृह निर्माण समिति भी बनी।

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