बीच सड़क पर मोदी सरकार की नीतियों, चुनाव आयोग, अमेरिका की धज्जियां उड़ाई वामपंथी व BSP के श्रमिक नेताओं ने

Left Party and BSP Labour Leaders on The Road Tore Apart The Policies of Modi Government and America
  • हमारे देश के प्रधानमंत्री को भी अमेरिका की इस दादागिरी का मुंहतोड़ उत्तर देना चाहिए।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई के संयुक्त वामपंथी पार्टियों सीपीआई, सीपीआईएम, सीपीआई(एमएल लिबरेशन) तथा सीटू, एटक, एक्टू द्वारा स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR),130 वां संविधान संशोधन विधेयक, अमेरिका द्वारा भारत पर 25%+25% टैरिफ लगाए जाने के विरोध में सेल परिवार चौक सेक्टर 6 (सिविक सेंटर) में प्रदर्शन कर सभा की गई।

प्रदर्शन के दौरान उपस्थित साथियों ने हाथों में तख्तियां लेकर मांग किया कि मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर बिहार में वोट काटना बंद करो, विपक्षी राजनैतिक पार्टियों को खत्म करने की साजिश के तहत संसद में पेश किया गया 130 वां संविधान संशोधन विधेयक वापस लो, अमेरिका द्वारा भारत पर थोपे गए टैरिफ पर केंद्र सरकार जवाब दो।

Vansh Bahadur

क्या आधार कार्ड में भी मकान के पते पर लिखा होता है जीरो

श्रमिक नेताओं ने कहा-वोटों की चोरी पकड़ी जाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कांफ्रेंस करके जो बयान बाजी की है, उससे पूरे देश के सामने चुनाव आयोग मजाक बन गया है। चुनाव आयुक्त ने मकान के पते पर 00 लिखे जाने के संदर्भ में कहा कि जिनके घर नहीं होते उनके मकान के पते पर 00 लिखा गया है, तो क्या देश के अंदर जो करोड़ आधार कार्ड बने हैं, उनमें भी जिनके मकान नहीं है। उनके पते पर 00 अंकित है या फिर उनके आधार कार्ड ही नहीं बन रहे हैं। केंद्र सरकार और चुनाव आयुक्त स्पष्ट करे।

जिनके मकान नहीं होते वह किस बूथ में देते हैं वोट

वामपंथी पार्टी के नेताओं ने कहा-चुनाव आयुक्त यह भी स्पष्ट करें कि जिनके मकान नहीं होते वो किस बूथ में वोट करेंगे। इसे कैसे निर्धारित किया जाता है। उन्होंने कहा था कि लैंप पोस्ट के नीचे जाकर सोने वाले लोगों के पते के आगे 00 दर्ज है तो क्या केंद्र सरकार को आईना दिखाते हुए यह कहना चाह रहे हैं कि देश के अंदर लाखों लाखों लोगों के पास अभी भी अपना घर नहीं है, जबकि मोदी जी ने लाल किले से यह ऐलान किया था कि 2022 तक हर नागरिक का अपना मकान होगा।

क्या पोलिंग बूथ में वीडियो ग्राफी के पहले अनुमति ली गई थी महिलाओं से?

बीएसपी के श्रमिक नेताओं ने कहा-चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि माता बहनों बेटियों का मतदान करता हुआ वीडियो सार्वजनिक कर सकते हैं क्या? इस पर वाम नेताओं ने सवाल किया कि पोलिंग बूथ का वीडियो ग्राफी इसीलिए किया जाता है कि धांधली होने अथवा धांधली के आरोप लगने पर यह वीडियो ग्राफी जांच में मदद मिलेगी।

किंतु जब धांधली का आरोप लग रहा है वीडियो क्लिपिंग मांगें जाने पर तो चुनाव आयुक्त द्वारा किया जा रहा बयान बाजी मजाक के सिवा कुछ नहीं है। यदि माता बहनों बेटियों का पोलिंग करता हुआ वीडियो सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है तो फिर चुनाव आयुक्त बताए कि पोलिंग बूथ में वीडियो ग्राफी करते समय महिलाओं से इसकी इजाजत ली गई थी क्या ?

विपक्ष को खत्म करने की साजिश है 130वां संविधान संशोधन विधेयक

वाम नेताओं ने कहा कि मानसून के अंतिम सत्र में संसद में अंदर पेश किया गया 130 वां संविधान संशोधन विधेयक विपक्ष को खत्म करने के साथ-साथ तथा सत्ता के अंदर बैठे हुए वें लोग जो सवाल करते हैं या मोदी सरकार के कार्यकलापों पर आपत्ति जाहिर करते हैं उनको भी नियंत्रण करने के लिए लाया गया है।

यह बात मोदी सरकार को भी पता है कि दो तिहाई बहुमत से ही यह संविधान संशोधन विधेयक पारित हो सकता है और उनके पास दो तिहाई बहुमत नहीं है इसके बावजूद पूरे देश मे वोट चोरी के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकने के लिए एवं ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी को उलझाने के लिए इस विधेयक को लाया गया है।

किंतु विपक्षी दलों ने अब धीरे-धीरे इस संविधान संशोधन विधेयक पर बनने वाली ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी से अपने आप को अलग करना शुरू कर दिया है जिसके चलते यह दांव सरकार के लिए उल्टा पड़ रहा है।

टैरिफ के मुद्दे पर मोदी सरकार अपने दोस्त अमेरिका को क्यों नहीं दे रहा है जवाब?

अमेरिका ने भारत के ऊपर 25% टैरिफ लगाकर उस पर और 25% का जुर्माना लगा दिया है। इस सब के बीच मोदी सरकार चुप्पी साद ली है। वाम नेताओं ने सवाल किया कि माय फ्रेंड ट्रंप, नमस्ते ट्रंप और अबकी बार ट्रंप सरकार बोलने वाले नरेंद्र मोदी एवं पूरी मोदी सरकार इस मुद्दे पर जवाब क्यों नहीं दे रही है, जबकि विश्व के छोटे-छोटे देश भी अमेरिका की टैरिफ थोपने वाली दादागिरी के सामने ना केवल जवाब दे रहे हैं बल्कि मजबूती से खड़े हैं। इसीलिए हमारे देश के प्रधानमंत्री को भी अमेरिका की इस दादागिरी का मुंहतोड़ उत्तर देना चाहिए।