- एमओयू कार्यान्वयन सब कमेटी और एनजेसीएस की बैठक नहीं।
- सलाह दिए छः महीने होने के बाद भी वार्ता नहीं।
- लम्बित मामला का निपटारा नहीं हो सका है।
- मजदूरों में श्रम असंतोष बढ़ता जा रहा है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (Steel Authority of India Limited-SAIL) के कर्मचारियों के आधे-अधूरे वेतन समझौते का मुद्दा एक बार फिर मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के पास पहुंचाया गया है। एटक बोकारो के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने पत्र लिखा है। सेल प्रबंधन (SAIL Management) पर तीखे आरोप लगाए हैं।
ये खबर भी पढ़ें: भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े नए अधिकारियों का BSP Officers Association ने किया वेलकम
सेल के इस्पात मजदूरों के वेज रिवीजन के एमओयू के कार्यान्वयन एवं बकाया वेतन भुगतान, ठेका मजदूरों को कानूनी हक और अधिकार सहित अन्य मांगों पर आपके कार्यालय में लम्बित औद्योगिक विवाद मामलों के निपटारा कराने की मांग की गई है।
ये खबर भी पढ़ें: बोकारो स्टील प्लांट के मजदूर उतरे सड़क पर, ESIC के नाम पर पल्ला झाड़ रहा प्रबंधन
रामाश्रय प्रसाद सिंह ने पत्र में लिखा-इस्पात मजदूरों का वेज रिवीजन के लिए 22 अक्टूबर 2021 को हुए एमओयू का सम्पूर्ण कार्यान्वयन सहित लंबित मुद्दों पर सेल प्रबंधन द्वारा अपनाए जा रहे नाकारात्मक रूख और आपके यहां हुई 26.1.2025 के समझौता वार्ता में आपके द्वारा दिए गए सुझावों पर प्रबंधन के नाकारात्मक रूख और उदासीनता तथा यूनियनों के साथ सम्पूर्ण संवादहीनता पर आपका ध्यान आकर्षित किया गया है। निवेदन किया गया है कि कृपया लंबित औद्योगिक विवाद पर समझौता वार्ता बुलाया जाए।
ये खबर भी पढ़ें: रेलवे का सीनियर सेक्शन इंजीनियर 15 हजार की रिश्वित लेते रंगे हाथ धराया
जैसा कि विदित है कि आपके द्वारा 26 जनवरी 2025 को आयोजित वार्ता के मिनट्स में प्रबंधन के ही प्रस्ताव पर गठित एमओयू कार्यान्वयन सब कमेटी और एनजेसीएस की बैठक बुलाकर समझौता करने का सलाह दिए छः महीने होने के बाद भी प्रबंधन ने वार्ता आयोजित नहीं किया है। आपके सलाह के बाद 6 महीने की अवधि बीत गए। लेकिन लम्बित मामला का निपटारा नहीं हो सका है और मजदूरों में श्रम असंतोष बढ़ता जा रहा है।
इसलिए निवेदन किया गया है कि लंबित औद्योगिक विवाद पर समझौता वार्ता बुलाया जाए और श्रमिकों को कानूनी हक और न्याय दिलाने में कारगर हस्तक्षेप करने की कृपा की जाए, ताकि औद्योगिक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव रोका जा सके।
ये खबर भी पढ़ें: सड़क हादसे में बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारी को लगी चोट