गोवा में 54th IFFI 2023: माधुरी दीक्षित को मिला खास अवॉर्ड

  • ‘भारतीय सिनेमा में विशेष पहचान बनाने के लिए’ पुरस्कार माधुरी दीक्षित की असाधारण उपलब्धियों और भारतीय सिनेमा पर उनके स्थायी प्रभाव का साक्षी है।

सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। सुप्रसिद्ध अभिनेत्री माधुरी दीक्षित को 54वें आईएफएफआई (IFFI) में भारतीय सिनेमा में विशेष पहचान बनाने के लिए सम्‍मानित किया गया। असाधारण चार दशकों के शानदार करियर के साथ, माधुरी दीक्षित ने भारतीय फिल्म उद्योग पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

ये खबर भी पढ़ें :  CG-MP संग 5 राज्यों से ज्यादा गुजरात-कनार्टक समेत 6 राज्यों में पकड़ाए थे दारू-सामान और करोड़ों रुपए

केन्‍द्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पणजी, गोवा में आयोजित 54वें आईएफएफआई के उद्घाटन समारोह में पुरस्कार की घोषणा की।

ये खबर भी पढ़ें :  Bhilai Steel Plant ने भूकंपरोधी वायर रॉड्स के प्रोडक्शन में बनाया एक और रिकॉर्ड

केन्‍द्रीय सूचना और प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने एक्स पर पोस्ट किया, “लंबे समय तक पहचान बनाने वाली, माधुरी दीक्षित ने असाधारण चार दशकों तक अद्वितीय प्रतिभा के साथ हमारी स्क्रीन की शोभा बढ़ाई है।”

विविध किरदारों को जीवंत बनाने की उनकी क्षमता ने पीढ़ियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। ‘भारतीय सिनेमा में विशेष पहचान बनाने के लिए’ पुरस्कार माधुरी दीक्षित की असाधारण उपलब्धियों और भारतीय सिनेमा पर उनके स्थायी प्रभाव का साक्षी है।

ये खबर भी पढ़ें :  विधानसभा चुनाव खत्म, लेकिन  Bhilai नगर निगम मुख्यालय नहीं लौट रहे अधिकारी-कर्मचारी, 150 गैर हाजिर

6 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत चुकी हैं माधुरी

1980, 1990 और 2000 के दशक की शुरुआत में हिन्‍दी फिल्मों की प्रमुख अभिनेत्री, माधुरी दीक्षित को छह फिल्मफेयर पुरस्कार मिले और उन्हें रिकॉर्ड चौदह बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया जा चुका है।

ये खबर भी पढ़ें :  मैत्रीबाग से कीमती सामान का बैग चोरी, स्मार्ट वॉच से 6 घंटे तक 60 KM तक पीछा, मुक्तांगन में दबोचा, BSP GM ने पुलिस कर्मियों का किया सम्मान

माधुरी के कॅरियर की शुरुआत

माधुरी दीक्षित ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत ‘अबोध’ (1984) से की और तेज़ाब (1988) से उन्हें व्यापक सार्वजनिक पहचान मिली। उन्हें 2014 में भारत में यूनिसेफ का सद्भावना राजदूत नियुक्त किया गया था।

ये खबर भी पढ़ें :  EPS 95 Higher Pension: EPFO दिल्ली की तरफ सबकी नजर, पैसे की चाहिए ताजा खबर