Jawaharlal Nehru Hospital & Research Centre में ‘सेव अ लाइफ’ मुहिम के तहत आमजन को दी जा रही सीपीआर ट्रेनिंग।
- अस्पताल प्रबंधन की पहल में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सकारात्मक संकेत है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट द्वारा संचालित सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (JLNH&RC) से एक प्रेरक और समाजोपयोगी पहल सामने आई है। यहां हर माह के पहले कार्यदिवस पर ओपीडी परिसर में आम नागरिकों को हैंड-ओनली सीपीआर (CPCR) की निःशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि हृदयाघात जैसी आपात स्थिति में लोगों की जान बचाई जा सके।
सेक्टर 9 हॉस्पिटल के सीएमओ एवं बर्न वार्ड के इंचार्ज डॉक्टर उदय के संयोजन में “Save a Life” कार्यशाला का संचालन एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्डियक अरेस्ट और पेशेवर चिकित्सा सहायता के पहुंचने के बीच के महत्वपूर्ण समय को सुरक्षित बनाना है। बच्चों और महिलाओं ने भी लोगों की जान बचाने का तरीका सीखा।
नेतृत्व और मार्गदर्शन में मजबूत पहल
यह पहल सीएमओ प्रभारी डॉ. विनीता द्विवेदी, सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर और सीएमओ डॉ. उदय कुमार के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. उदय कुमार ने कहा कि “कार्डियक अरेस्ट के पहले कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। प्रशिक्षित आम नागरिक कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है।”
एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की टीम डॉ. जयीता सरकार, डॉ. अमित अग्रवाल और डॉ. शिखा अग्रवाल ने प्रतिभागियों को सीपीआर की बारीकियां व्यावहारिक रूप से समझाईं।
हर उम्र के लोगों ने लिया हिस्सा
कार्यशाला की खास बात इसकी समावेशिता रही। इसमें 7 वर्ष के बच्चों से लेकर 75 वर्ष तक के वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को मैनिक्विन पर लाइव डेमो के जरिए सही रिद्म और दबाव की गहराई सिखाई गई। इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में आम भ्रांतियों को दूर किया गया। प्रतिभागियों को आपात स्थिति में आत्मविश्वास के साथ हस्तक्षेप करने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी कदम
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस पहल में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सकारात्मक संकेत है।
सेक्टर-9 अस्पताल की यह पहल न केवल सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि यह साबित करती है कि सही समय पर सही जानकारी और प्रशिक्षण किसी की भी जान बचा सकता है। भिलाई में इस तरह की जनजागरूकता मुहिम से समुदाय स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम उठाया जा रहा है।

