Bhilai Steel Plant: महिला दिवस पर CITU ने कार्यस्थल पर ही किया नारी शक्ति का सम्मान, पढ़ें

Bhilai Steel Plant On Womens Day CITU Honored Women Power at the Workplace Read
  • संयंत्र के सभी जोन के अधिकांश महिला कर्मचारियों-अधिकारियों से मुलाकात किया सीटू नेताओं ने।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दूसरे दिन कार्यालय एवं संयंत्र पहुंचीं महिलाओं के साथ मुलाकात कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के संघर्षों का संदेश दिया। इस अवसर पर सीटू के सदस्यों ने मिल जोन, मैकेनिक जोन, मेडिकल जोन, नॉन वर्क्स जोन, स्टील जोन, आयरन जोन, सर्विसेज जोन, कोक ओवन जोन एवं पावर एंड एनर्जी जोन में कार्य करने वाली महिला कर्मचारियों और अधिकारियों से मुलाकात कर उपहार स्वरूप कलम भेंट किया।

संयंत्र के हर क्षेत्र में कार्य कर रही हैं नारी शक्ति

सीटू के महासचिव टी जोगा राव ने कहा कि आज के तारीख में संयंत्र एवं उसके कार्यालयों पर नजर डाला जाए तो हम पाते हैं कि अस्पताल में तो लोगों के जीवन बचाने के लिए नारी शक्ति कार्य कर ही रही है साथ ही साथ इस्पात भवन, संयंत्र के सभी कार्मिक विभाग, संयंत्र के अधिकांश स्टोर्स, फाइनेंस, कंप्यूटर क्षेत्र से लेकर मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल विभागों में भी महिलाएं टेक्नीशियन के रूप में भी कार्य कर रही है।

ब्लास्ट फर्नेस 8, स्टील मेल्टिंग शॉप 3 सहित कुछ अन्य नई इकाइयों में तो इकाइयों में तो पुल पिट ऑपरेट करते हुए सीधे उत्पादन के कार्यों में लगी हुई है। संयंत्र के अंदर महिला अधिकारियों की भी अच्छी तादात है महिलाओं के लिए संघर्ष के प्रतीक का दिवस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ऐसी नारी शक्ति को सीटू लाल सलाम पेश करता है।

महिला विरोधी सरकार के खिलाफ है हमारा संघर्ष

यूनियन नेताओं ने कहा-आज देश के सत्ता में वो ताकत काबिज है जो महिलाओं के समानाधिकार और स्वतंत्रता के घोर विरोधी है जो उनके कथनी एवं करनी में स्पष्ट दिखता है। पिछले दिनों पहलवान बेटियों के लड़ाई में भी दिखा।वे नारियों को घर के चार दीवारों तक ही सीमित कर सिर्फ संतान उत्पादन के मशीन के रूप में रखना चाहते है।

उनके अनुसार शैशव काल में नारियों को पिता, युवावस्था में पति और वृद्धावस्था में पुत्र उनकी देखभाल करेगा। नारियों की कोई स्वतंत्रता नही होगी। पति का अनुसरण करना और पति को संतुष्ट करना ही नारी का परम धर्म है और इसी से उन्हें स्वर्ग प्राप्ति होता है। यह लोग संपत्ति पर महिलाओं को अधिकार देने के विरोधी है।

महिलाओं के रात्रि पाली का हर स्तर पर विरोध करेगा सीटू

औद्योगिक क्षेत्र में भी जहां महिलाओं को शाम 6:00 बजे के बाद कारखाने में काम करने पर प्रतिबंध है। वहां पर अब सरकार श्रम कानून में बदलाव कर रात्रि पाली में भी महिलाओं से काम करवाना चाहती है। यह महिलाओं के श्रम का शोषण के सिवा और कुछ भी नहीं है क्योंकि रात्रि पाली वाले कानून में सरकार एक तरफ कह रही है कि महिलाओं की इच्छा के विरुद्ध उनसे रात्रि पाली में ड्यूटी नहीं कर पाएगा।

किंतु वहीं पर रात्रि पाली से मना करने वाले महिलाओं के ग्रेडिंग को बिगाड़ने एवं प्रमोशन पर रोक लगाने जैसी घटनाएं भी होना आम बात होगा। सीटू सरकार के द्वारा उद्योगों के अंदर इस कानून का विरोध करेगा।