- स्मृति-चिन्ह, शाल एवं श्रीफल तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मियों की अग्रणी एवं प्रतिष्ठित सहकारी संस्था,इस्पात कर्मचारी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी लिमिटेड सेक्टर-6 में आयोजित एक भावपूर्ण समारोह उस समय विशेष बन गया, जब संस्था के संचालक मंडल के वरिष्ठ सदस्य कुलेश्वर प्रसाद चंद्राकर को उनकी दीर्घ सेवाओं के उपरांत सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसी माह संयंत्र की सेवा से सेवानिवृत्त होने के साथ-साथ उन्होंने संचालक मंडल के अपने दायित्वों से भी अवकाश ग्रहण किया।
इस अवसर पर आयोजित विदाई समारोह में संस्था के अध्यक्ष बृजबिहारी मिश्र,उपाध्यक्ष अमिताभ वर्मा सहित संचालक मंडल के अन्य सम्मानित सदस्य नीरजा शर्मा,जे.के.गहिने,विनोद कुमार वासनिक,हरिराम यादव,पवन कुमार साहू,तथा संस्था के प्रबंधक एवं बोर्ड के सचिव एम. मुरलीधर गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।समारोह का वातावरण आत्मीयता,सम्मान और भावनाओं से परिपूर्ण रहा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अध्यक्ष बृजबिहारी मिश्र ने चंद्राकर के लंबे कार्यकाल,उनकी निष्ठा,पारदर्शिता और संस्था के विकास में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया। सदस्य नीरजा शर्मा ने कहा कि चंद्राकर ने न केवल एक जिम्मेदार पदाधिकारी के रूप में कार्य किया,बल्कि संस्था के मूल्यों और सहकारिता की भावना को भी सदैव जीवंत रखा।उनके मार्गदर्शन में संस्था ने अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं और सदस्यों का विश्वास मजबूत हुआ।
श्री चंद्राकर के सहज व्यवहार, सहयोगी दृष्टिकोण और कर्मठता की सराहना करते हुए सदस्य जे.के.गहिने सहित अन्य वक्ताओं ने उन्हें संस्था का प्रेरणास्रोत बताया। कई सदस्यों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके साथ काम करना एक सीखने वाला अनुभव रहा।
अपने उद्बोधन में श्री चंद्राकर ने संस्था,संचालक मंडल और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह संस्था उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है और यहां बिताए गए पल सदैव स्मरणीय रहेंगे।उन्होंने विश्वास जताया कि संस्था आगे भी इसी प्रकार प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगी।
मारोह के अंत में उन्हें स्मृति-चिन्ह, शाल एवं श्रीफल तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। यह विदाई केवल एक औपचारिकता नहीं,बल्कि उनके योगदान के प्रति गहरी कृतज्ञता और सम्मान की अभिव्यक्ति थी। उपस्थित सभी सदस्यों ने उन्हें उनके भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस प्रकार यह विदाई समारोह एक भावुक लेकिन प्रेरणादायक क्षण बन गया,जिसने सहकारिता, समर्पण और सम्मान की भावना को पुनः सशक्त किया।















