भिलाई कर्मचारी यूनियन: ब्लास्ट फर्नेस 4 में ठेका श्रमिक खोम लाल वर्मा के साथ हुई दुर्घटना में मृत्यु निश्चित ही कई सवालों को जन्म दे रही है।
- भिलाई कर्मचारी यूनियन ने कहा-कुछ ठेकेदारों द्वारा बरती जा रही लापरवाही से हादसे बढ़ते जा रहे हैं। अधिकारियों का खुला समर्थन।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई कर्मचारी यूनियन की एक आवश्यक बैठक हुई। संयंत्र कर्मचारियों एवं उनकी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पर चर्चा की गई। पदाधिकारीयों द्वारा संयंत्र में बढ़ रही दुर्घटनाओं और मृत्यु पर अपनी चिंता व्यक्त की।
पदाधिकारियों ने कहा-उच्च प्रबंधन अपनी ओर से लगातार सुरक्षित कार्य पर जोर दे रहा है, उसके बाद भी इस प्रकार की घटनाएं निश्चित ही संयंत्र की साख पर एक धब्बा है। कुछ ठेकेदारों द्वारा बरती जा रही लापरवाही, अधिकारियों के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध इस प्रकार की दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। यह उच्च प्रबंधन के लिए जांच का विषय होना चाहिए।
मीटिंग में अध्यक्ष राजेश चौहान महामंत्री अशोक कुमार माहौर कार्यकारी अध्यक्ष आनंद पांडेय, निवास मिश्रा कोषाध्यक्ष प्रवीण मार्दीकर उपाध्यक्ष अवधेश पाण्डेय, ओपी तीतरमारे, तरुण सेमुअल डीजीएस एसएस यादव संजय शाह, अनुराग महुलकर, विष्णु साहू, अरविंद पाण्डेय आदि उपस्थित थे।
ब्लास्ट फर्नेस 4 में ठेका श्रमिक खोम लाल वर्मा के साथ हुई दुर्घटना में मृत्यु निश्चित ही कई सवालों को जन्म देती है।
1. खोम लाल वर्मा जब 30 फीट की हाइट पर काम करने जा रहा था, तो क्या उसे फुल बॉडी हार्नेस दिया गया था।
2. जिस अधिकारी या सुपरवाइजर ने उसे वहां काम के लिए भेजा था, उसने उसे वहां जोखिम की जानकारी दी थी।
3. ठेका श्रमिक इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए गया था तो क्या इलेक्ट्रिकल शटडाउन लिया गया था।
4. यदि हां, तो वह जिस क्रेन पर कार्य कर रहा था, उस क्रेन के ऑपरेटर को शटडाउन की जानकारी थी।
5. यदि क्रेन ऑपरेटर को शटडाउन की जानकारी थी और उसने लापरवाही की है तो यह अत्यंत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
6. और यदि शटडाउन नहीं लिया गया तो जिसने उसे काम के लिए भेजा था उस अधिकारी/ सुपरवाइजर के विरुद्ध कड़ी जांच की आवश्यकता है।
यूनियन पदाधिकारी का मानना है की जरूरत से ज्यादा ठेका श्रमिकों/ ठेकेदारों पर निर्भरता हादसों का कारण
1. नियमित कर्मचारीयों की भर्ती किया जाना संयंत्र हित में अति आवश्यक है।
2. अन स्किल्ड क्रेन आपरेटरों के कारण हादसे बढ़ रहे हैं इसलिए लिए सिर्फ नियमित कर्मचारियों से ही क्रेन चलवाई जाए।
3. क्रेन ऑपरेटर केबिन में स्मार्ट फोन पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए सिर्फ बाकी टाकी का इस्तेमाल हो।
4. क्रेन ऑपरेटर का मेडिकल चेकअप हर 6 महीने में हो जिसमें आंख,कान की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाए।
भिलाई कर्मचारी यूनियन हुए हादसे की निष्पक्ष की मांग करता है जिससे भविष्य में इस प्रकार की हादसों की पुनरावृत्ति ना हो।







