Employees are not Getting Full Pension, BMS Leaders met the Deputy CM, Discussed NPS, Pension Calculation, High Court Decision
- नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव को स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात की।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय के सेवानिवृत्त कर्मचारी पूरी पेंशन से वंचित हैं। डिप्टी सीएम अरुण साव से बीएमएस नेताओं ने मुलाकात की और सेवानृत्त कर्मचारियों की पीड़ा से अवगत कराया।
नगरीय निकाय के कर्मचारियों ने 33 वर्ष की सेवा के बाद भी कम पेंशन मिल रही है, उसे पूरी पेंशन में बदलवाने के लिए बैठक की गई। नगरीय निकाय द्वारा उन्हें ग्रेज्युटी का भुगतान करते समय उनकी दैनिक वृत्ति की सेवाकाल को जोड़ा जाता है, जबकि पेंशन की गणना में उसे नहीं जोड़ते, जिससे नगरीय निकाय के लगभग कर्मचारी पूरी पेंशन के हक से वंचित हो गए हैं।
एक ही कर्मचारी के लिए एक ही विभाग द्वारा सेवाकाल की गणना के दो नियम को ग़लत व मनमाना बताया। बैठक में यह जानकारी दी गई कि नगरीय निकाय में वर्ष1984-85 से दैनिक वृत्ति में कार्य करने वाले कर्मचारियों को वर्ष 1996 से 2008 के बीच समय- समय पर नियमित किया गया। ऐसे में दैनिक वृत्ति सेवा अवधि जोड़े बिना कर्मचारी पूरी पेंशन के दायरे में नहीं आएंगे।
साथ ही वर्ष 2025 से पेंशन शुरू करने के लिए पूर्व की एनपीएस की राशि के स्वीकृति की प्रत्याशा व्यवस्था बंद कर दी गई है। अब एनपीएस की राशि आने पर ही सेवानिवृत कर्मचारी की पेंशन प्रारंभ होती है, जिसमें एक वर्ष से अधिक समय लग जाता है। ऐसे में सेवानिवृत्त कर्मचारी को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उपरोक्त दोनों विषयों के समाधान के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव को स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ के भिलाई नगर निगम अध्यक्ष शशिभूषण मोहंती और सेवानिवृत्त कर्मचारी नलनीश मिश्रा, आरएस राजपूत, जिला मंत्री हरी शंकर चतुर्वेदी ने ज्ञापन सौंपकर उपरोक्त विषयों के शीघ्र समाधान करने की मांग किए।
साथ ही उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश के फैसले की जानकारी भी दिए, जिसमें कर्मचारियों की पेंशन की गणना में उनके दैनिक वृत्ति के सेवाकाल को जोड़ने का आदेश दिया गया है।

