Steel Authority of India Limited (SAIL) के बोकारो स्टील प्लांट (BSL) एवं अन्य इकाइयों में संविदा कर्मियों की 40% प्रस्तावित कटौती।
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का उद्देश्य केवल मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि रोजगार और सामाजिक संतुलन बनाए रखना भी है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल में छंटनी के खिलाफ आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना से सांसद चंद्र शेखर आज़ाद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि तत्काल हस्तक्षेप करें। Bhim Army Chief ने एक्स पर पोस्ट कर कर्मचारियों की पीड़ा को बयां किया है। साथ ही पीएसयू के महत्व को भी बयां किया है।
सांसद चंद्र शेखर आजाद ने एक्स पर लिखा-Steel Authority of India Limited (SAIL) के अंतर्गत बोकारो स्टील प्लांट (BSL) एवं अन्य इकाइयों में संविदा कर्मियों की 40% प्रस्तावित कटौती बेहद चिंताजनक और अन्यायपूर्ण है। यह फैसला हजारों श्रमिकों और उनके परिवारों की आजीविका पर सीधा आघात है तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
इस निर्णय के विरोध में शुरू हो रहे आंदोलन यह स्पष्ट करती है कि श्रमिकों में गहरा असंतोष व्याप्त है। बिना किसी पूर्व संवाद के लिया गया यह कदम न केवल श्रमिक अधिकारों के खिलाफ है, बल्कि औद्योगिक शांति के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का उद्देश्य केवल मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि रोजगार और सामाजिक संतुलन बनाए रखना भी है। ऐसे में बड़े पैमाने पर छंटनी का यह निर्णय इन मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
इसलिए @SteelMinIndia से मांग की गई है कि तत्काल हस्तक्षेप कर इस निर्णय पर पुनर्विचार सुनिश्चित किया जाए तथा ट्रेड यूनियनों के साथ संवाद स्थापित कर न्यायसंगत समाधान निकाला जाए।

