वीआरएस में वेतन की गणना बेसिक पे, डीए पर होगी। स्टैग्नेशन इंक्रीमेंट और पर्सनल पे को भी बेसिक पे का हिस्सा माना जाएगा।
- वीआर लेने के बाद कर्मचारी किसी अन्य सीपीएसई या एसपीएसई में नौकरी नहीं कर सकेगा।
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited) में वीआर स्कीम आ चुकी है। इस खबर को सबसे पहले सूचनाजी.कॉम ने प्रसारित किया। कर्मचारी और अधिकारियों के बीच वीआर स्कीम को लेकर तरह-तरह की बातें आ रही थी। अब सारी तस्वीरें साफ हो चुकी है। वीआर यानी वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम की गणना गुजरात मॉडल से की जाएगी।
वीआरएस के तहत कर्मचारियों को मिलने वाली राशि गुजरात फार्मूले के आधार पर तय की जाएगी। इसके तहत दो तरीके से राशि की गणना होगी।
पहला फार्मूला पूरा सेवाकाल और बची हुई सेवा अवधि के आधार पर होगा। इसमें 35 दिन के वेतन को पूरी सेवा अवधि से और 25 दिन के वेतन को बची हुई सेवा अवधि से गुणा किया जाएगा।
दूसरा फार्मूला सेवानिवृत्ति तक बची अवधि के आधार पर होगा। इसमें 30 दिन के वेतन को सुपरएनुएशन तक बचे महीनों से गुणा किया जाएगा। इन दोनों में जो राशि कम होगी, उसका 75 प्रतिशत कर्मचारी को वीआर मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।
Computation of VR Compensation
Amount as per Gujarat formula (A)
= [Salary for 35-days X Nos. of years of completed service + Salary for 25-days X Nos. of years of service remaining]
Amount as per the remaining period (B)
= Salary for 30-days X No. of months left before superannuation.
बेसिक और डीए पर होगा कैलकुलेशन
वीआरएस में वेतन की गणना केवल बेसिक पे और डीए के आधार पर की जाएगी। स्टैग्नेशन इंक्रीमेंट और पर्सनल पे को भी बेसिक पे का हिस्सा माना जाएगा। किसी अन्य भत्ते को गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। पूरी राशि एकमुश्त दी जाएगी।
कर्मचारियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
वीआर लेने वाले कर्मचारियों को भविष्य निधि और ग्रेच्युटी का लाभ नियमों के अनुसार मिलेगा। इसके अलावा अर्जित अवकाश और हाफ पे लीव का एनकैशमेंट भी सुपरएनुएशन की तरह मिलेगा।
सेल ने स्पष्ट किया है कि वीआर लेने वाले कर्मचारी और उनके जीवनसाथी को मेडिकल सुविधा भी सुपरएनुएशन के समान मिलेगी। उन्हें सेल पेंशन स्कीम या एनपीएस का लाभ भी मिलेगा। साथ ही सेल मेडिक्लेम स्कीम के तहत कवरेज जारी रहेगा।
कंपनी की ओर से ट्रांसफर सुविधा, कंपनी आवास को निर्धारित नीति के अनुसार रखने की पात्रता, डिनर सेट और सर्विस सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे।
सरकारी कंपनियों में नौकरी पर रोक
स्कीम के अनुसार वीआर लेने वाला कर्मचारी सेल के किसी भी प्लांट, यूनिट, सब्सिडियरी या ज्वाइंट वेंचर में दोबारा नौकरी नहीं कर सकेगा।
इसके अलावा वीआर लेने के बाद कर्मचारी किसी अन्य सीपीएसई या एसपीएसई में नौकरी नहीं कर सकेगा। यदि कोई कर्मचारी दूसरी सरकारी कंपनी में नौकरी करना चाहता है, तो उसे वीआरएस में मिली पूरी मुआवजा राशि सेल को लौटानी होगी। हालांकि 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद एडवाइजर के रूप में कॉन्ट्रैक्ट बेस पर नियुक्ति पर रोक नहीं रहेगी।

