ई-5 और उससे नीचे के कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए यूनिट हेड अथवा एचआर हेड फैसला लेंगे। ई-6 और ई-7 ग्रेड का डायरेक्टर निर्णय लेंगे।
- ई-8 और ई-9 अधिकारियों के मामलों में अंतिम अधिकार सेल चेयरमैन के पास रहेगा।
- सेल में कम से कम 15 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो और रिलीज की तारीख तक उनकी उम्र 50 वर्ष या उससे अधिक हो।
- सेल ने स्पष्ट किया है कि 2026-27 में आने वाले आवेदन में वर्ष 2025-26 की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग को शामिल नहीं किया जाएगा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (Steel Authority of India Limited) ने मैनपॉवर ऑप्टिमाइजेशन के लिए बहुप्रतीक्षित वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम-वीआरएस लांच कर दी है। इस खबर को सबसे पहले आपके अपने सूचनाजी.कॉम ने प्रसारित की है।
कंपनी की ओर से जारी स्कीम में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पात्रता, मुआवजा, मेडिकल सुविधा, आवास, पेंशन और आवेदन प्रक्रिया तक की विस्तृत जानकारी दी गई है। इस स्कीम का उद्देश्य मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग, कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाना और कर्मचारियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना बताया गया है।
सबसे खास बात यह है कि आवेदन करने से पहले एक बार जरूर सोच लीजिएगा। पहली बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है। पूर्व में ऑफलाइन आवेदन किया जाता रहा है। एक बार आपने अवेदन कर दिया तो उसे वापस लेने का मौका नहीं मिलेगा। न ही रिव्यू का कोई चांस होगा। पूर्व में स्क्रीनिंग कमेटी आवेदन का मूल्यांकन करती थी।
आवेदन स्वीकार करना है या नहीं, यह सब कमेटी में तय होता था। नई स्कीम में ऑनलाइन आवेदन करते ही एचओडी के पास पूरी डिटेल जाएगी। एक नंबर दिया जाएगा। आपको तत्काल वीआर देकर कंपनी की सेवा से अलग होने का मौका मिल जाएगा।
50 साल उम्र और 15 साल सेवा जरूरी
सेल प्रबंधन के मुताबिक वीआरएस के लिए वही अधिकारी और कर्मचारी पात्र होंगे, जिन्होंने सेल में कम से कम 15 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो और रिलीज की तारीख तक उनकी उम्र 50 वर्ष या उससे अधिक हो। इसमें सेल की सब्सिडियरी, ज्वाइंट वेंचर अथवा डेपुटेशन की सेवा अवधि भी शामिल की जाएगी।
हालांकि बॉन्ड पीरियड में काम कर रहे कर्मचारी, सैबेटिकल लीव पर रहने वाले, लियन पर तैनात कर्मचारी, पेनाल्टी पीरियड में चल रहे कर्मचारी तथा ठेका, कैजुअल और अस्थायी कर्मचारी इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।
अधिकारियों के लिए ACP का नियम
सेल ने अधिकारियों के लिए एसीपी यानी एवरेज क्रेडिट प्वाइंट का भी प्रावधान किया है। 50 से 54 वर्ष तक की आयु वाले अधिकारियों के लिए ACP 42.5 या उससे कम होना चाहिए। 54 से 57 वर्ष तक की आयु वालों के लिए ACP 45 तक रखा गया है। वहीं 57 वर्ष से अधिक आयु वाले अधिकारियों के लिए किसी भी ACP की बाध्यता नहीं होगी। सेल ने स्पष्ट किया है कि 2026-27 में आने वाले आवेदन में वर्ष 2025-26 की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग को शामिल नहीं किया जाएगा।
ऑनलाइन होगा आवेदन
सेल प्रबंधन ने वीआरएस आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है। सभी कर्मचारियों को निर्धारित वेब लिंक के जरिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन जमा होते ही यूनिक एप्लीकेशन आईडी जेनरेट होगी। किसी भी स्तर पर हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी।
आवेदन “फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व” आधार पर स्वीकार किए जाएंगे। हालांकि निर्धारित लक्ष्य पूरा होने पर आवेदन विंडो समय से पहले भी बंद की जा सकती है।
इन मामलों में आवेदन होगा रिजेक्ट
सेल ने स्पष्ट किया है कि विजिलेंस या डिसिप्लिनरी क्लियरेंस नहीं होने पर आवेदन खारिज कर दिया जाएगा। जिन कर्मचारियों के खिलाफ जांच चल रही है या जिनके रिकॉर्ड में प्रतिकूल टिप्पणी है, उन्हें भी राहत नहीं मिलेगी।
इसके अलावा जिन कर्मचारियों ने वीआर स्कीम लॉन्च होने से तीन महीने पहले इस्तीफा दिया हो या जिन्हें “अनफिट फॉर रिटेंशन” माना गया हो, उनके आवेदन भी स्वीकार नहीं होंगे। ऐसे कर्मचारी उसी आवेदन विंडो में दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे।
स्क्रीनिंग कमेटी नहीं बनेगी
सेल प्रबंधन ने कहा है कि वीआर आवेदन की जांच के लिए कोई अलग स्क्रीनिंग कमेटी या अपीलीय कमेटी नहीं बनाई जाएगी। हर आवेदन पर अंतिम फैसला सक्षम प्राधिकारी का होगा और वही अंतिम एवं बाध्यकारी माना जाएगा।
किसे मिला है फैसला लेने का अधिकार
ई-5 और उससे नीचे के कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए प्लांट या यूनिट हेड अथवा एचआर हेड फैसला लेंगे। ई-6 और ई-7 ग्रेड के अधिकारियों के मामले में संबंधित फंक्शनल डायरेक्टर अथवा कॉर्पोरेट ऑफिस के लिए डायरेक्टर पर्सनल निर्णय लेंगे। वहीं ई-8 और ई-9 अधिकारियों के मामलों में अंतिम अधिकार सेल चेयरमैन के पास रहेगा।
CMD को विशेष अधिकार
स्कीम में यह भी प्रावधान किया गया है कि सेल चेयरमैन को स्कीम की अवधि बढ़ाने, सीमित करने, वापस लेने या दोबारा लागू करने का पूरा अधिकार रहेगा। बिना पूर्व सूचना के स्कीम में संशोधन भी किया जा सकेगा।

