वाहनों की हायरिंग में भी सख्ती। वाहन किराए पर लेने के लिए संबंधित ईडी या डीआईसी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
- ऑनलाइन मीटिंग को बढ़ावा देने, आधिकारिक टूर और ट्रेनिंग सीमित करने, विदेशी दौरों को अगले आदेश तक टालने के निर्देश।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के बीच पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सेल राउरकेला स्टील प्लांट ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का आदेश जारी किया। अब Bhilai Steel Plant में ईंधन बचत और खर्च कम करने को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। बीएसपी के ईडी (एचआर) पवन कुमार की ओर से सभी विभागों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, ट्रांसपोर्टेशन खर्च घटाने और वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में कहा गया है कि भारत सरकार की एडवाइजरी के मद्देनजर सभी विभाग प्रशासनिक और ऑपरेशनल स्तर पर जरूरी कदम उठाएं। साथ ही उत्पादन और जरूरी काम प्रभावित न हों, इसका भी ध्यान रखा जाए।
बीएसपी प्रबंधन ने विभागाध्यक्षों से कहा है कि अपने-अपने विभागों में पेट्रोल और डीजल की खपत कम से कम 25 प्रतिशत तक घटाने का प्रयास करें। इसके लिए प्रशासनिक और ऑपरेशनल उपाय लागू किए जाएंगे।
आदेश में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने की संभावना तलाशने को भी कहा गया है। जिन विभागों में संभव हो, वहां कर्मचारी रोस्टर के आधार पर घर से काम कर सकेंगे। हालांकि, इससे उत्पादन और कार्यक्षमता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। कारपूलिंग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों से कहा गया है कि ड्यूटी के दौरान अधिक से अधिक साझा वाहन व्यवस्था अपनाएं, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
बीएसपी प्रबंधन ने विभागों को वाहनों की हायरिंग में भी सख्ती बरतने को कहा है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जरूरी स्थिति में ही वाहन किराए पर लिए जाएं और इसके लिए संबंधित ईडी या डीआईसी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
प्रोडक्शन रेशनलाइजेशन पर भी जोर दिया गया है। विभागों से कहा गया है कि वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही कम वैल्यू वाले स्टील और सेमीज के उत्पादन को जरूरत के अनुसार कम करने पर विचार किया जाए।
इसके अलावा ऑनलाइन मीटिंग को बढ़ावा देने, आधिकारिक टूर और ट्रेनिंग सीमित करने तथा विदेशी दौरों को अगले आदेश तक टालने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। प्रबंधन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण और खर्च नियंत्रण बेहद जरूरी हो गया है। सभी विभागों से सहयोग की अपील की गई है।

