सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए मौजूद रिटेंशन स्कीम के तहत आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं, जो योजना की मूल भावना के विपरीत है।
- धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने लंबित मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और प्रबंधन से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। सेल के राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) में कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों से जुड़े आवासीय मुद्दों को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। मान्यता प्राप्त यूनियन राउरकेला श्रमिक संघ (INTUC) ने प्रबंधन की नीतियों के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई। यूनियन ने इस संबंध में निदेशक प्रभारी (DIC) को ज्ञापन भी सौंपा है।
यूनियन के महासचिव पीके बेहरा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2006 में शुरू की गई लाइसेंस क्वार्टर योजना के तहत हजारों पूर्व कर्मचारियों को क्वार्टर आवंटित किए गए थे। यूनियन के अनुसार यह योजना राउरकेला स्टील प्लांट प्रबंधन के लिए राजस्व अर्जित करने वाली सफल योजना साबित हुई और इससे प्रबंधन को लगभग 350 करोड़ रुपये की आय हुई।
यूनियन ने आरोप लगाया गया है कि लाइसेंस आधार पर आवंटित अधिकांश क्वार्टर जर्जर स्थिति में थे, जिन्हें रहने योग्य बनाने के लिए पूर्व कर्मचारियों ने अपने स्तर पर लाखों रुपये खर्च कर मरम्मत और विस्तार कार्य कराया। उस समय प्रबंधन और टाउनशिप अधिकारियों की जानकारी में यह कार्य हुआ था तथा वर्षों तक इस पर कोई आपत्ति नहीं की गई। अब अचानक क्वार्टरों को मूल स्थिति में लाने के लिए नोटिस जारी किए जाने से कर्मचारियों और पेंशनरों में चिंता बढ़ गई है।
यूनियन ने उठाईं तीन प्रमुख मांगें
लाइसेंस क्वार्टरों को मूल स्वरूप में बहाल करने संबंधी जारी नोटिस वापस लिए जाएं।
सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए लागू क्वार्टर रिटेंशन (Retention) योजना को पूर्ववत जारी रखा जाए।
कर्मचारियों को आवंटित सेकंड यूनिट क्वार्टरों को निरस्त करने के प्रस्ताव को वापस लिया जाए। पेंशनरों और कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
असमंजस और मानसिक तनाव
यूनियन का कहना है कि 35 से 40 वर्ष तक राउरकेला में सेवा देने वाले अनेक सेवानिवृत्त कर्मचारी अब वृद्धावस्था में इन्हीं क्वार्टरों में रह रहे हैं। उनके बच्चे अन्य शहरों में बस चुके हैं और कई लोग चिकित्सा सुविधाओं के लिए राउरकेला पर निर्भर हैं। ऐसे में नोटिस जारी होने से उनके सामने भविष्य को लेकर असमंजस और मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए मौजूद रिटेंशन स्कीम के तहत आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं, जो योजना की मूल भावना के विपरीत है। वहीं टाउनशिप में खाली पड़े क्वार्टरों की सुरक्षा और अतिक्रमण रोकने के लिए कर्मचारियों को आवंटित किए गए सेकंड यूनिट क्वार्टरों को भी रद्द करने की तैयारी की खबरों से कर्मचारियों में नाराजगी है।
औद्योगिक सौहार्द बिगड़ने की चेतावनी
NTUC से संबद्ध राउरकेला श्रमिक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों और पेंशनरों की वास्तविक समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो औद्योगिक संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यूनियन ने प्रबंधन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी विवादित मुद्दों का समाधान करने और औद्योगिक शांति बनाए रखने की अपील की है।
धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने लंबित मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और प्रबंधन से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। यूनियन नेताओं का कहना है कि मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

