World Environment Day: राउरकेला स्टील प्लांट अब तक अपने परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 52 लाख से अधिक पौधे लगा चुका है।
- ग्रीन स्टील निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए ब्लास्ट फर्नेस-1 में बायोचार इंजेक्शन का परीक्षण शुरू किया गया है।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। संयंत्र ने कहा है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं और इसी सोच के साथ आरएसपी लगातार हरित इस्पात उत्पादन (Green Steelmaking) की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रहा है।
राउरकेला स्टील प्लांट ने ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और उत्सर्जन नियंत्रण के क्षेत्र में कई नवाचार अपनाए हैं। इन प्रयासों के चलते उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ संयंत्र अपने पर्यावरणीय प्रभाव को भी लगातार कम करने में सफल रहा है।
अपशिष्ट गैस से बिजली उत्पादन, कोयले की खपत में कमी
फॉसिल ईंधन की खपत कम करने के लिए आरएसपी ने स्टील निर्माण प्रक्रिया से निकलने वाली अपशिष्ट गैसों का उपयोग कैप्टिव पावर प्लांट-1 के बॉयलरों में शुरू किया है। इससे बॉयलर ग्रेड कोयले की आवश्यकता में उल्लेखनीय कमी आई है और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को भी नियंत्रित करने में मदद मिली है।
ब्लास्ट फर्नेस में बायोचार का प्रयोग
ग्रीन स्टील निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए ब्लास्ट फर्नेस-1 में बायोचार इंजेक्शन का परीक्षण शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कार्बन स्रोतों की जगह नवीकरणीय जैविक स्रोतों का आंशिक उपयोग कर कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। परीक्षण के सकारात्मक परिणाम मिलने पर इस तकनीक का विस्तार अन्य ब्लास्ट फर्नेस में भी किया जा सकता है।
औद्योगिक अपशिष्ट का शत-प्रतिशत उपयोग
आरएसपी ने सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा को अपनाते हुए ब्लास्ट फर्नेस स्लैग का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया है। इसके अलावा बीओएफ और एसएमएस स्लैग का भी सड़क, भवन निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में उपयोग किया जा रहा है। इससे अपशिष्ट निपटान की समस्या कम हुई है और औद्योगिक उप-उत्पादों से अतिरिक्त मूल्य सृजित हो रहा है।
जल संरक्षण में ऐतिहासिक उपलब्धि
जल प्रबंधन और पुनर्चक्रण प्रणाली में सुधार के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में आरएसपी ने प्रति टन क्रूड स्टील उत्पादन पर मात्र 2.94 घन मीटर पानी की खपत दर्ज की, जो संयंत्र के इतिहास में अब तक का सबसे कम स्तर है। इसे जल संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की दिशा में कदम
संयंत्र अब जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) लक्ष्य की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है। इसके लिए अतिरिक्त जल शोधन प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिससे उपचारित जल का पुन: उपयोग बढ़ेगा और ताजे पानी पर निर्भरता कम होगी।
52 लाख से अधिक पेड़ लगाए
पर्यावरण संरक्षण के तहत राउरकेला स्टील प्लांट अब तक अपने परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 52 लाख से अधिक पौधे लगा चुका है। इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिला है और वायु गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। राउरकेला स्टील सिटी का हरित और स्वच्छ वातावरण आरएसपी की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण माना जा रहा है।
राउरकेला स्टील प्लांट प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में भी स्वच्छ उत्पादन, संसाधनों के कुशल उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सतत विकास की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।

