बीएसपी के नोटिस से प्रभावित हजारों परिवारों के घर-घर जाकर समर्थन पत्र लिए जाएंगे और उनकी आवाज को एक मंच पर लाया जाएगा।
- भिलाई की बसाहट बचाने जनआंदोलन का ऐलान, 10 हजार से अधिक परिवारों से समर्थन जुटाने की तैयारी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) टाउनशिप में रह रहे हजारों परिवारों को लेकर एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई है। बीएसपी की ओर से जारी नोटिसों से प्रभावित परिवारों के समर्थन में विधायक देवेंद्र यादव ने व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
लाइसेंस आवासों के रिन्यूअल पर रोक, रिटेंशन आवासों के पेनल रेंट के मामले एवं अन्य संबंधित विषयों पर विधायक देवेंद्र यादव ने कहा है कि भिलाई की बसाहट को किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने दिया जाएगा। इसे लेकर जनआंदोलन का आगाज कर दिया गया है। अभियान के तहत बीएसपी के नोटिस से प्रभावित 10 हजार से अधिक परिवारों के घर-घर जाकर समर्थन पत्र लिए जाएंगे और उनकी आवाज को एक मंच पर लाया जाएगा।
आंदोलनकारियों के अनुसार यह अभियान अगले एक महीने तक लगातार चलेगा। इस दौरान हजारों समर्थन पत्र एकत्रित किए जाएंगे। इसके बाद जनता के सामने आंदोलन की अगली रूपरेखा रखी जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं का कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति या परिवार की लड़ाई नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के आशियाने, सम्मान और भविष्य को बचाने की लड़ाई है। उनका आरोप है कि भिलाई की बसाहट को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने सेल प्रबंधन, बीएसपी प्रबंधन, केंद्र सरकार, राज्य सरकार, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, इस्पात मंत्री, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया से मांग की है कि भिलाई की बसाहट को खत्म करने से संबंधित निर्णय तत्काल वापस लिया जाए।
आंदोलनकारियों ने कहा कि भिलाई की बसाहट को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उनका दावा है कि लोगों को उजड़ने नहीं दिया जाएगा और भिलाई की बसाहट को यथावत बनाए रखने के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाया जाएगा।
विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि सेल बीएसपी प्रबंधन टाउनशिप की जमीन किसी बिल्डर आदि को लेकर रेवेंयू हासिल करना चाहता है। यही रेवेन्यू यहां के रहवासियों से लिया जाए। सालों से भिलाई में रहने वालों के उजाड़ना ठीक नहीं है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समर्थन अभियान के बाद आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और इस मुद्दे पर बीएसपी प्रबंधन तथा सरकार का क्या रुख सामने आता है।

