कर्मचारियों का सवाल यदि योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है, तो व्यक्तिगत संपर्क और लगातार समझाइश की आवश्यकता क्यों?
- 24 अधिकारियों और 84 कर्मचारियों के आवेदन जून माह के लिए स्वीकृत किए गए हैं। 20 जुलाई तक ही आवेदन की अंतिम तारीख है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। प्रबंधन ने पहले कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) की संभावना और उससे जुड़े संभावित मापदंडों की चर्चा को व्यापक रूप से सामने आने दिया। इससे कर्मचारियों के बीच असमंजस और आशंका का माहौल बना। बाद में अनिवार्य सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना लागू की गई। माना जा रहा था कि पहले बने मनोवैज्ञानिक दबाव के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी VRS के लिए आवेदन करेंगे। लेकिन, ऐसा नहीं होता दिख रहा है। 20 मई से आवेदन प्रक्रिया शुरू है। 24 अधिकारियों और 84 कर्मचारियों के आवेदन जून माह के लिए स्वीकृत किए गए हैं। 20 जुलाई तक ही आवेदन की अंतिम तारीख है।
अनुमान के अनुरूप आवेदन नहीं, अब बढ़ी सक्रियता
सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन ने VRS के लिए एक लक्ष्य भी निर्धारित किया था, लेकिन अपेक्षित संख्या में आवेदन प्राप्त नहीं हुए। इसके बाद अब इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मानव संसाधन विभाग (कार्मिक कार्यालय) की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से फोन पर व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क कर उन्हें VRS पर विचार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कई कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें फोन कर कार्यालय बुलाया जा रहा है और VR लेने के लिए कहा जा रहा है ।
अस्पताल से लेकर उत्पादन इकाइयों तक एक जैसी चर्चाएं
सेक्टर-9 अस्पताल, रेल मिल, कोक ओवन, ब्लास्ट फर्नेस तथा अन्य प्रमुख विभागों से भी ऐसी ही जानकारियां सामने आ रही हैं। कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि अधिकारियों को भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कर्मचारियों में सवाल, प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार
लगातार सामने आ रही इन सूचनाओं के बाद कर्मचारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है, तो व्यक्तिगत संपर्क और लगातार समझाइश की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है। दूसरी ओर, प्रबंधन का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। फिलहाल, विभिन्न विभागों से मिल रही सूचनाओं ने VRS को लेकर संयंत्र के भीतर नई बहस को जन्म दे दिया है। यदि प्रबंधन इस विषय पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

