कब्जेदार की शिकायत पर संदीप को ही समझा दिया गया कि दूसरा आवास ले लो। कब्जेदार के रवैए से संदीप बहुत परेशान हैं।
- शॉर्ट सर्किट की मुख्य वजह छत से लंबे समय से हो रहा पानी का रिसाव (सीपेज) है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की टाउनशिप के सेक्टर-2 स्थित क्वार्टर क्रमांक 62/D, सड़क-16 में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे शॉर्ट सर्किट होने से अफरा-तफरी मच गई। घटना में बीएसपी के एसएमएस-3 विभाग में कार्यरत कर्मचारी संदीप कुमार मामूली रूप से झुलस गए। उनके नाक और गाल की त्वचा पर चिंगारी लगने से जल गई। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
संदीप कुमार दोपहर करीब 2 बजे दूसरी पाली की ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकल रहे थे। इसी दौरान उनकी बहन घर के अंदर से दौड़ते हुए बाहर आई और आग लगने की सूचना दी। इसके बाद संदीप तुरंत बिजली का मुख्य स्विच बंद करने और आग पर काबू पाने का प्रयास करने पहुंचे। इसी दौरान आग की चिंगारी उनके चेहरे पर आ गिरी, जिससे वे घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की मुख्य वजह छत से लंबे समय से हो रहा पानी का रिसाव (सीपेज) है। सीपेज की समस्या के कारण बिजली के तार प्रभावित हुए और हादसा हो गया। संदीप कुमार का आरोप है कि जिस ब्लॉक में वे रहते हैं, वहां उनके अलावा अधिकांश क्वार्टरों पर अवैध कब्जा है। उनका कहना है कि क्वार्टरों का उचित रखरखाव नहीं होने से सीपेज, नाली जाम और अन्य समस्याएं लगातार बनी रहती हैं। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार सुबह ही उन्होंने इस संबंध में टाउनशिप प्रबंधन को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय उन्हें दूसरा क्वार्टर लेने की सलाह दी गई।
कब्जेदारों से तंग आकर आज सुबह ही संदीप ने लिखित रूप से इसकी शिकायत टाउनशिप के अधिकारियों से की थी। वहां से उल्टे संदीप को ही समझा दिया गया कि आप ही दूसरा आवास ले लो। अवैध कब्जेदार के रवैए से संदीप बहुत परेशान हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि करीब दो वर्ष पहले इसी ब्लॉक में रहस्यमय परिस्थितियों में आग लगने की घटना हुई थी। उस समय भी वहां कथित रूप से अवैध कब्जेदार रह रहे थे। मामले को लेकर कर्मचारियों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
उनका कहना है कि नियमित कर्मचारियों के पास अतिरिक्त क्वार्टर होने पर प्रबंधन सख्त कार्रवाई करता है और नोटिस जारी करता है, जबकि कथित अवैध कब्जों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि टाउनशिप के कुछ कर्मचारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से अवैध कब्जों को बढ़ावा दिया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

