नीट पेपर लीक के खिलाफ 19 जुलाई को होगा संयुक्त प्रदर्शन। अनशनरत सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन किया गया।
- बोकारो और भिलाई में प्रदर्शन का शेड्यूल जारी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। नीट पेपर लीक मामले, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, सोनम वांगचुक के अनशन के समर्थन में सेल भिलाई और बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारी भी सड़क पर उतर रहे हैं। सेल बीएसएल के कर्मचारियों ने बकायदा सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। 19 जुलाई की शाम 5 बजे गांधी चौक से नया मोड़ तक रैली निकाली जाएगी। इस रैली के लिए बीएसएल कर्मचारियों से समर्थन मांगे गए हैं।
इधर-भिलाई सेक्टर-1 में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, लोईमु, एचएमएस, एटक, ऐक्टू, स्टील वर्कर्स यूनियन, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा कार्यकर्ता समिति की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में नीट पेपर लीक प्रकरण को देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर हमला बताते हुए छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। बैठक में सर्वसम्मति से 19 जुलाई (रविवार) को शाम 6:00 से 7:00 बजे तक सिविक सेंटर स्थित सेल परिवार चौक (छोटा परिवार चौक) में संयुक्त प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन, शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
बैठक में पिछले 20 दिनों से दिल्ली में छात्रों के समर्थन में अनशनरत सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन किया गया। नेताओं ने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य के साथ हुए अन्याय की नैतिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। संयुक्त बैठक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पेपर लीक की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देने तथा नीट पेपर लीक एवं दोषपूर्ण सीबीएसई पेपर चेकिंग के सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
छात्रों और नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील
संयुक्त बैठक में कहा गया कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनदबाव आवश्यक है। इसलिए विद्यार्थियों, युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे 19 जुलाई को आयोजित संयुक्त प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर छात्रों के न्यायपूर्ण अधिकारों और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग को बुलंद करें।

