भिलाई स्टील प्लांट Modernization-Expansion Project के लिए 31,000 करोड़ और 42 महीना तय
आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति सेल की अपनी कैप्टिव खदानों और घरेलू तथा आयातित स्रोतों से की जाएगी। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण परियोजना के लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। लोकसभा में मध्य प्रदेश के सतना से भाजपा सांसद गणेश सिंह ने इस्पात मंत्री से बीएसपी के प्रोजेक्ट के बारे में सवाल दागे। सरकार की ओर से जवाब दिया गया। दो बातों पर पूरी तरह से फोकस नजर आया। एक प्रोजेक्ट पर 31,000 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी है। दूसरी बात इस प्रोजेक्ट को पूरा क
- आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति सेल की अपनी कैप्टिव खदानों और घरेलू तथा आयातित स्रोतों से की जाएगी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण परियोजना के लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। लोकसभा में मध्य प्रदेश के सतना से भाजपा सांसद गणेश सिंह ने इस्पात मंत्री से बीएसपी के प्रोजेक्ट के बारे में सवाल दागे। सरकार की ओर से जवाब दिया गया। दो बातों पर पूरी तरह से फोकस नजर आया। एक प्रोजेक्ट पर 31,000 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी है। दूसरी बात इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 42 महीने की समय सीमा भी निर्धारित कर दी गई है।
ये खबर भी पढ़ें: SAIL चेयरमैन साहब…39 माह का बकाया एरियर दिलाइए, नई वेज और NJCS कमेटी करें गठित
सांसद गणेश सिंह के सवाल
'सेल' के भिलाई इस्पात संयंत्र को 6.8 एमटीपीए से 10.2 एमटीपीए तक विस्तारित किए जाने का ब्यौरा क्या है और इसमें अनुमानित निवेश, कार्यान्वयन समय-सीमा और पूर्ण होने की अपेक्षित तिथि का ब्यौरा क्या है?
छत्तीसगढ़ में उक्त विस्तार परियोजना के परिणामस्वरूप प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कितना रोजगार सृजित होने की संभावना है?
क्या सरकार ने विस्तारित क्षमता के लिए कच्चे माल की उपलब्धता को सुदृढ़ करने हेतु कोई रणनीति तैयार की है और सतना-सिंगरौली कोयला क्षेत्र और अन्य घरेलू स्रोतों से आपूर्ति की योजना का ब्यौरा क्या है?
ये खबर भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant नेवई-मरौदा की जमीन रिसाली निगम को करेगा हैंडओवर, लोकसभा में सरकार का जवाब-MoU, दाखिल-खारिज फाइनल
इस्पात राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा का जवाब
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने भिलाई इस्पात संयंत्र की उत्पादन क्षमता को 6.8 एमटीपीए से बढ़ाकर 10.2 एमटीपीए करने के लिए लगभग ₹31,000 करोड़ की अनुमानित लागत पर सैद्धांतिक अनुमोदन किया है। इस परियोजना को पूरा करने की समय सीमा 42 महीने तय की गई है।
इस पररयोजना में निर्माण और प्रचालन चरणों के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन करने की क्षमता है। सभी आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति सेल की अपनी कैप्टिव खदानों और घरेलू तथा आयातित स्रोतों से की जाएगी।
ये खबर भी पढ़ें: SAIL को मिले 124 नए अधिकारी, चयनित एमटीटी 5 अगस्त से भिलाई में करेंगे रिपोर्टिंग, BSP, RSP, DSP, ISP, BSL में होगी ज्वाइनिंग