Bhilai Steel Plant: ओवर स्पीड और दारू पीकर ड्यूटी मत आना, धर लेगा प्रबंधन, चली जाएगी नौकरी, पढ़िए रूल्स

चार बार नियम तोड़ा तो नौकरी पर संकट, शराब से लेकर ओवर स्पीड तक नज़र। कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत बनाना है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) प्रबंधन ने संयंत्र में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। बार-बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहली गलती पर जुर्माना और सलाह, जबकि चौथी बार उल्लंघन पर नियमित

  • चार बार नियम तोड़ा तो नौकरी पर संकट, शराब से लेकर ओवर स्पीड तक नज़र।
  • कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत बनाना है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) प्रबंधन ने संयंत्र में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। बार-बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहली गलती पर जुर्माना और सलाह, जबकि चौथी बार उल्लंघन पर नियमित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा ठेका श्रमिकों का गेट पास तीन माह के लिए निलंबित किया जाएगा। बीएसपी प्रबंधन ने संयंत्र में लागू किए गए जीरो टॉलरेंस रूल्स के तहत 10 महत्वपूर्ण सुरक्षा नियम तय किए हैं। इनका उद्देश्य कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत बनाना है। ये खबर भी पढ़ें: Stock Market Update: सरकार ने बल्क पेट्रोल-डीजल खरीद पर लगाई रोक, महंगाई दर में बढ़ोतरी, विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की पहल बीएसपी के सेफ्टी डिपार्टमेंट का मानना है कि अधिकांश औद्योगिक दुर्घटनाएं सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। इसी वजह से जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है ताकि कर्मचारी और ठेका श्रमिक सुरक्षा मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करें और संयंत्र में दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। इस नई व्यवस्था के बाद भिलाई स्टील प्लांट में सुरक्षा नियमों को लेकर जवाबदेही और अनुशासन दोनों पहले से अधिक सख्त होने वाले हैं। ये खबर भी पढ़ें: भिलाई इस्पात संयंत्र: सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता 27 को, कर्मचारियों और ठेका मजदूरों का होगा जमावड़ा इन नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य नए प्रावधानों के अनुसार बिना उचित आइसोलेशन के किसी मशीन या उपकरण पर काम नहीं किया जा सकेगा। चलती मशीनरी के पास बिना पर्याप्त सुरक्षा गार्डिंग के काम करने पर भी रोक रहेगी। ऊंचाई पर कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाना अनिवार्य होगा। वहीं सीमित या बंद स्थान (कन्फाइंड स्पेस) में किसी भी कर्मचारी को अकेले काम करने की अनुमति नहीं होगी। प्रबंधन ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। क्रेन, ऊंचाई वाले स्थानों या वाहन में चढ़ते-उतरते समय मोबाइल का इस्तेमाल भी उल्लंघन माना जाएगा। ये खबर भी पढ़ें: Job Fair: 17 जून को 2329 पदों पर भर्ती, 10वीं से इंजीनियरिंग, एमबीबीएस तक को मौका, यहां आइए, नौकरी पाइए सीट बेल्ट और हेलमेट नहीं लगाया तो होगी कार्रवाई चार पहिया वाहन चलाने वालों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य कर दी गई है। ऊंचाई पर काम करने वालों को फुल बॉडी हार्नेस पहनना होगा। दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट के साथ चिन स्ट्रैप लगाना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें: EPS 95 Higher Pension: मोदी जी SAIL अधिकारी-कर्मचारी उच्च पेंशन से वंचित, EPFO कर रहा तंग, सेफी ने की हस्तक्षेप की मांग प्लांट में ओवर स्पीड पर भी सख्ती बीएसपी परिसर में वाहनों की गति सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) और दो पहिया वाहनों के लिए अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जबकि भारी वाहनों के लिए यह सीमा 16 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन चलाना सुरक्षा उल्लंघन माना जाएगा। ये खबर भी पढ़ें: Employees Provident Fund Organisation: मृत्यु क्लेम का तुरंत करें निपटारा, निष्क्रिय PF खाताधारकों को दिलाएं उनका पैसा, EPFO एक्शन में शराब पीकर प्लांट में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि शराब या किसी भी नशीले पदार्थ के प्रभाव में कोई भी व्यक्ति प्लांट परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। ऐसे मामलों को गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना जाएगा। इसके अलावा ऐसा कोई भी कार्य, जिसे असुरक्षित माना जाएगा, उसे भी नियम उल्लंघन की श्रेणी में रखा जाएगा। पिछले दिनों एक वरिष्ठ अधिकारी दारू के नशे में कार चलाते हुए एक्सीडेंट कर चुके हैं। उच्चाधिकारी ने किसी तरह मामला शांत कराया है। लेकिन, शराब को लेकर नज़र भी रखी जा रही है। कुछ कार्मिकों की लिस्ट भी प्रबंधन के पास है। चार चरणों में कार्रवाई का प्रावधान पहली बार उल्लंघन 500 रुपये जुर्माना कर्मचारियों को एडवाइजरी लेटर दूसरी बार उल्लंघन 1500 रुपये जुर्माना चेतावनी पत्र जारी तीसरी बार उल्लंघन 2500 रुपये जुर्माना चौथी बार उल्लंघन नियमित कार्मिक सीडीए रूल्स-1977 और स्टैंडिंग ऑर्डर्स-1997 के तहत विभागीय कार्रवाई ठेका श्रमिक गेट पास 3 माह के लिए निलंबित ये खबर भी पढ़ें: कर्मचारी पेंशन योजना 1995: EPFO-श्रम मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानकर 2014 से पूर्व रिटायर्ड को दे EPS 95 हायर पेंशन