Bhilai Steel Plant: QR Code के बगैर कोई गाड़ी BSP में नहीं जाएगी, होगी CISF चेकिंग, चाहे कुछ भी कर लो…
प्रबंधन की ओर से बोल दिया गया कि सभी लोग अपनी गाड़ियों पर क्यूआर कोड लगाएं। सीआइएसएफ रेंडम चेकिंग करेगी। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (Bhilai Steel Plant) में बगैर क्यूआर कोर्ड (QR Code) दाखिल होना अब मुश्किला होगा। इसके बगैर सोमवार सुबह से कोई भी गाड़ी प्लांट में प्रवेश नहीं कर पाएगी। सीआइएसएफ (CISF) ने सख्ती करने की तैयारी की है। फर्स्ट शिफ्ट से ही गाड़ियों की चेक शुरू कर दी जाएगी। प्रबंधन की ओर से बोल दिया गया कि सभी लोग अपनी गाड़ियों पर क्यूआर कोड लगाएं। सीआइएसएफ रेंडम चेकिंग करेगी।
- प्रबंधन की ओर से बोल दिया गया कि सभी लोग अपनी गाड़ियों पर क्यूआर कोड लगाएं। सीआइएसएफ रेंडम चेकिंग करेगी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (Bhilai Steel Plant) में बगैर क्यूआर कोर्ड (QR Code) दाखिल होना अब मुश्किला होगा। इसके बगैर सोमवार सुबह से कोई भी गाड़ी प्लांट में प्रवेश नहीं कर पाएगी। सीआइएसएफ (CISF) ने सख्ती करने की तैयारी की है। फर्स्ट शिफ्ट से ही गाड़ियों की चेक शुरू कर दी जाएगी। प्रबंधन की ओर से बोल दिया गया कि सभी लोग अपनी गाड़ियों पर क्यूआर कोड लगाएं। सीआइएसएफ रेंडम चेकिंग करेगी। इस दरमियान किसी के पास क्यूआर कोड नहीं मिलेगा तो उसे रोका जाएगा।
19 जून से क्यूआर कोड लागू करने की बात BSP प्रबंधन ने पहले ही की थी। प्रथम पाली से क्यूआर कोड की चेकिंग होनी है। लेकिन यह भी जानकारी मिल रही है कि कर्मियों से बात करने पर उन्होंने इस पर अनभिज्ञता जाहिर की है। इसका कारण उन्होंने बताया कि मीडिया से पता चला, लेकिन कार्मिक विभाग की तरफ से ऐसी कोई भी जानकारी कर्मियों तक नहीं पहुंचाई गई है। लोग इसे बहुत हल्के में ले रहे हैं।
अगर ऐसा होता है, तो मान लीजिए कर्मचारी क्यूआर कोड के अभाव में संयंत्र में प्रवेश नहीं कर पाते हैं और कुछ विभागों में उत्पादन प्रभावित हो सकता है। अगर, ऐसा होता है तो कौन जिम्मेदार होगा?
एक श्रमिक नेता ने बताया कि एक बात यह भी सामने आ रही है कि अगर बीएसपी के सभी गेटों में आईआर प्रॉब्लम होता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? और पिछले कई महीनों से सीआईएसएफ और कर्मियों के बीच में अक्सर गेटों पर विवाद होते रहे हैं।
लेकिन इन सबको जानते हुए भी प्रबंधन इस मसले को इतने हल्के से क्यों ले रहा है। इसको व्यवस्थित तरीके से क्यों नहीं कर रहा है। ट्रेड यूनियनों को भरोसे में क्यों नहीं लिया जा रहा है, क्योंकि ट्रेड यूनियनों ने यह भी कहा है हम एक जिम्मेदार ट्रेड यूनियन होने के नाते सुरक्षा के मामले में हम सहयोग करने के लिए तैयार हैं। लेकिन इस अव्यवस्थित तरीके से नहीं…। इसको एक व्यवस्था में लाकर किया जाना चाहिए। लेकिन प्रबंधन और सीआईएसएफ दोनों ही इस गंभीर विषय को हल्के से ले रहे हैं।