BMS में बवाल: पदाधिकारियों ने खोला मोर्चा, नई यूनियन की राह, इंटक से NJCS सदस्य वंश बहादुर सिंह ये बोले…

यदि पंजीयक इस शिकायत पर संज्ञान लेते हैं तो आने वाले दिनों में संगठन के भीतर चल रहे विवाद की औपचारिक जांच शुरू हो सकती है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध भिलाई इस्पात मजदूर संघ (BIMS) में अंदरूनी विवाद एक बार फिर अब खुलकर सामने आ गया है। यूनियन के करीब दो दर्जन पदाधिकारियों और सदस्यों ने संयुक्त रूप से पंजीयक (Registrar of Trade Unions) को पत्र लिखकर संगठन के ई-फॉर्म में कथित तौर पर किए जाने वाले संशोधनों पर रोक लगाने की मांग की है। आपत्ति जताई है और मामले की जांच कर आ

  • यदि पंजीयक इस शिकायत पर संज्ञान लेते हैं तो आने वाले दिनों में संगठन के भीतर चल रहे विवाद की औपचारिक जांच शुरू हो सकती है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध भिलाई इस्पात मजदूर संघ (BIMS) में अंदरूनी विवाद एक बार फिर अब खुलकर सामने आ गया है। यूनियन के करीब दो दर्जन पदाधिकारियों और सदस्यों ने संयुक्त रूप से पंजीयक (Registrar of Trade Unions) को पत्र लिखकर संगठन के ई-फॉर्म में कथित तौर पर किए जाने वाले संशोधनों पर रोक लगाने की मांग की है। आपत्ति जताई है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। मामला कोर्ट में चल रहा है, इसलिए किसी का नाम परिवर्तन न किया जाए। इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि मई 2024 के बाद यूनियन की किसी भी बैठक की सूचना अधिकांश सदस्यों को नहीं दी गई। इसके बावजूद यूनियन के पदाधिकारियों में बदलाव कर दिए गए और उपाध्यक्ष की नियुक्ति सहित अन्य प्रस्ताव पारित किए जाने की जानकारी सामने आई। ये खबर भी पढ़ें: इनकम टैक्स में भारी बचत का सहारा है SAIL Perks, पढ़िए और बचाइए पैसा पत्र में कहा गया है कि संगठन के ई-फॉर्म में भी कुछ परिवर्तन किए गए हैं, जिनकी जानकारी सामान्य सदस्यों को नहीं है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि यह बदलाव बिना वैधानिक प्रक्रिया और सदस्यों की जानकारी के किए गए हैं तो उनकी जांच कराई जानी चाहिए। कायतकर्ताओं ने पंजीयक से अनुरोध किया है कि मई 2024 के बाद हुई सभी बैठकों के निर्णयों और प्रस्तावों की जांच की जाए तथा अध्यक्ष और महामंत्री की ओर से भेजे गए किसी भी संशोधन को तब तक स्वीकार न किया जाए, जब तक उसकी वैधानिकता की पुष्टि न हो जाए। ये खबर भी पढ़ें: SAIL भिलाई को मिला ERP Cell का मुख्यालय, BSL, RSP, ISP, डीएसपी के 28 अफसर आ रहे बीएसपी, पढ़ें 40 नाम पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामला औद्योगिक न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में संगठन के मूलभूत रिकॉर्ड और ई-फॉर्म में किसी प्रकार का संशोधन न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि यदि बिना अनुमति परिवर्तन किए गए तो यह न्यायालय के निर्देशों की अवमानना का विषय भी बन सकता है। इस शिकायत पत्र पर करीब 22 पदाधिकारियों और सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। इनमें कार्यकारिणी सदस्यों के साथ अन्य जिम्मेदार पदाधिकारी भी शामिल बताए गए हैं। हालांकि, इस मामले में भिलाई इस्पात मजदूर संघ का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। वरिष्ठ नेता दिनेश पांडेय से संपर्क किया गया। तबीयत खराब होने से वह बात नहीं कर सके। अस्पताल में इलाज के सिलसिले से गए थे। खबर भी पढ़ें: 7 घंटे से कम ड्यूटी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा नोटिस इस घटनाक्रम के बाद भिलाई में बीएमएस से जुड़े संगठन के भीतर चल रही खींचतान एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। यदि पंजीयक इस शिकायत पर संज्ञान लेते हैं तो आने वाले दिनों में संगठन के भीतर चल रहे विवाद की औपचारिक जांच शुरू हो सकती है। दूसरी ओर, शिकायती पत्र पर साइन करने वाले पदाधिकारियों ने दावा किया है कि एनजेसीएस सदस्य व इंटक के पूर्व महासचिव वंश बहादुर सिंह बीएमएस ज्वाइन करने वाले हैं। उनके नाम का पत्र हम लोगों ने खुद देखा है। इस दावे की सच्चाई जानने के लिए सूचनाजी.कॉम ने वंश बहादुर सिंह का पक्ष लिया। उनका स्पष्ट रूप से कहना है कि जितने भी दावे किए जा रहे हैं, वह झूठे हैं। ये खबर भी पढ़ें: BSP स्क्रैप चोरी Files 3: ठेका कंपनी हमेशा के लिए होगी बैन, लोहा चोरों को बड़ा मैसेज मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। इंटक का सदस्य हूं। मेरे नाम को लेकर गलत दावा किया जा रहा है। इस बारे में बीएमएस नेताओं से भी पूछा-उनका जवाब है कि आपका कोई नाम कहीं नहीं दिया गया है। इस प्रकरण पर बीएमएस के क्षेत्रीय संगठन मंत्री सीबी राजेश का कहना है कि मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। छत्तीसगढ़ प्रदेश संगठन ही कुछ बता सकेगा, फिलहाल, मुझे कोई जानकारी नहीं है। ये खबर भी पढ़ें: PESB ने शुरू की SAIL के नए डायरेक्टर पर्सनल की तलाश, केके सिंह का रिटायरमेंट 2027 में, आवेदन 22 जुलाई तक