BSP ED P&A की बैठक भी विफल, संयुक्त यूनियन ने कहा-28 को हड़ताल करेंगे, सड़क बवाल तय

संयुक्त यूनियन के नेताओं को समझाने की कोशिश की गई। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल बोनस (SAIL Bonus) और बकाया एरियर (Outstanding Arrears) आदि विषयों को लेकर दिल्ली में बैठक विफल हो चुकी है। संयुक्त यूनियन ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुस्साए कर्मचारियों का रुख क्या होगा, इसको भांपने के लिए ईडी पीएंडए पवन कुमार ने संभी यूनियन नेताओं की बैठक बुलाई है। इस्पात भवन में बैठक हुई। लेकिन, यह भी विफल हो गई। ये खबर भी पढ़ें : BSP कार्मिकों का गिफ्ट डकार गए HOD, DIC साहब दिलवाइए पुरस्कार संयुक्त यूनियन

  • संयुक्त यूनियन के नेताओं को समझाने की कोशिश की गई।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल बोनस (SAIL Bonus) और बकाया एरियर (Outstanding Arrears) आदि विषयों को लेकर दिल्ली में बैठक विफल हो चुकी है। संयुक्त यूनियन ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुस्साए कर्मचारियों का रुख क्या होगा, इसको भांपने के लिए ईडी पीएंडए पवन कुमार ने संभी यूनियन नेताओं की बैठक बुलाई है। इस्पात भवन में बैठक हुई। लेकिन, यह भी विफल हो गई। ये खबर भी पढ़ें: BSP कार्मिकों का गिफ्ट डकार गए HOD, DIC साहब दिलवाइए पुरस्कार संयुक्त यूनियन (Joint Union) के नेताओं को समझाने की कोशिश की गई। प्रबंधन की तरफ से स्पष्ट रूप से कहा गया कि अगर किसी तरह की कोई अप्रिय घटना होती है तो निश्चित रूप से इस पर एक्शन होगा। हड़ताल में कोई अप्रिय स्थिति न पैदा न होने पाए। यह सारा मुद्दा दिल्ली का है। लोकल स्तर पर कोई मुद्दा नहीं है, फिर क्यों हड़ताल की जा रही है। इस पर जवाब देते हुए श्रमिक नेताओं ने कहा-यह कर्मचारियों का मुद्दा है। कर्मचारियों से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए कर्मचारी ही आवाज उठा रहे हैं। पौन घंटे तक बैठक हुई। तकरार भी हुई। शब्दों के चयन पर भी बहस हुई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और बैठक से बाहर निकल गए। ये खबर भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर: डोंगरगढ़-कबीरधाम-मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग के लिए 300 करोड़ स्वीकृत प्रबंधन के साथ बैठक विफल होने के बाद इंटक, सीटू, एचएमएस, एक्टू, एटक, लोइमू, स्टील वर्कर्स यूनियन नेताओं की अलग से बैठक हो रही है। हड़ताल में कर्मचारियों को रोकने पर भी बात की गई है। कर्मचारियों को रोककर समर्थन मांगा जाएगा। जो लोग ड्यूटी जाना चाहते हैं, वे बगैर समर्थन दिए नहीं जा सकते हैं। इसको लेकर गोपनीय रणनीति बन रही है। ये खबर भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर: डोंगरगढ़-कबीरधाम-मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग के लिए 300 करोड़ स्वीकृत