BSP स्क्रैप चोरी Files 2: चोर ने खुद स्वीकारा, BSP अफसरों ने पुलिस को बताया, आधी रात को सुपरवाइजर को घर से उठाया
अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। कथित स्क्रैप चोरी में और कौन-कौन लोग शामिल, जानकारी जुटाई जा रही। अज़मत अली, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप चोरी मामले की एक और परत अब खुलने जा रही है। आप सूचनाजी.कॉम पर BSP स्क्रैप चोरी Files 2 पढ़ रहे हैं। इस कड़ी में बताएंगे कि आखिर चोरी के इस खेल का एक अहम किरदार कैसे पकड़ा गया। यह कार्रवाई पुलिस और भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारियों के बेहतर तालमेल से संभव हुई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी दिखाई और रातों-रात आरोपी को दबोच लिया।
- अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
- कथित स्क्रैप चोरी में और कौन-कौन लोग शामिल, जानकारी जुटाई जा रही।
अज़मत अली, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप चोरी मामले की एक और परत अब खुलने जा रही है। आप सूचनाजी.कॉम पर BSP स्क्रैप चोरी Files 2 पढ़ रहे हैं। इस कड़ी में बताएंगे कि आखिर चोरी के इस खेल का एक अहम किरदार कैसे पकड़ा गया। यह कार्रवाई पुलिस और भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारियों के बेहतर तालमेल से संभव हुई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी दिखाई और रातों-रात आरोपी को दबोच लिया।
साईं एसोसिएट्स ठेका कंपनी के चीफ सुपरवाइजर घनश्याम गुप्ता की गिरफ्तारी कैसे हुई, इसकी पूरी कहानी यहां साझा की जा रही है। इससे पहले सूचनाजी.कॉम ने 22 जून को ‘BSP स्क्रैप चोरी Files 1: सिर्फ 5 हजार की सेटिंग, भोर में 5 बजे ट्रक में भरकर निकलता था करोड़ों का स्क्रैप’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
ये खबर भी पढ़ें: BSP स्क्रैप चोरी Files 1: सिर्फ 5 हजार की सेटिंग, भोर में 5 बजे ट्रक में भरकर निकलता था करोड़ों का स्क्रैप
हथखोज के गोदाम से मिला था स्क्रैप
भिलाई के हथखोज स्थित एक गोदाम में पुलिस को बड़ी मात्रा में स्क्रैप मिला था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। 27 मई को पुलिस भिलाई स्टील प्लांट पहुंची। मामले की पड़ताल शुरू हुई। स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस) के अधिकारियों से भी पूछताछ की गई।
अगले दिन 28 मई को अधिकारियों ने ठेका कंपनी के चीफ सुपरवाइजर समेत अन्य जिम्मेदार लोगों को बुलाया। उनसे विस्तार से पूछताछ की गई। उस समय ठेका कंपनी के चीफ सुपरवाइजर घनश्याम गुप्ता ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार कर दिया। उसने अधिकारियों से कहा, “सर, यह संभव नहीं है। यहां माल की अनलोडिंग होती है। लोडिंग तो होती ही नहीं है।” बताया जाता है कि उस समय अधिकारी काफी नाराज थे। मामला गंभीर था और जवाबदेही तय करने की बात हो रही थी।
ये खबर भी पढ़ें: इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक की बढ़ीं मुश्किलें, PM नहीं अब राष्ट्रपति से शिकायत, AITUC ने की पद से हटाने, जांच की मांग
अगले दिन खुद पहुंचा अफसर के पास
29 मई को घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया। घनश्याम गुप्ता ने एक अधिकारी को फोन किया। उसने कहा कि उसे कुछ जरूरी बात करनी है। कुछ समय बाद वह अधिकारी से मिलने पहुंच गया। शाम का वक्त था। बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।
उसने कहा, “सर, मुझसे गलती हो गई। लालच में फंस गया। मुझे बचा लीजिए।” सूत्रों के मुताबिक उसने यह भी स्वीकार किया कि वह चोरी के गिरोह का हिस्सा था। उसने बताया कि हर ट्रक के बदले उसे 5 हजार रुपये मिलते थे। उसी के जरिए भोर में स्क्रैप से भरे ट्रक प्लांट से बाहर निकलते थे।
ये खबर भी पढ़ें: Steel Authority of India Limited: आईएनएस दूनागिरी, अग्रय और संशोधक में लगा SAIL BSP, RSP, BSL का 5,700 टन स्टील
जीएम से लेकर सीजीएम कार्यालय तक पहुंची जानकारी
घनश्याम गुप्ता की बात सुनते ही जीएम स्तर के अधिकारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी जानकारी दी। शाम को ही मामला सीजीएम कार्यालय तक पहुंच गया। अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया और तय किया कि पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी जाएगी।
इससे पहले आरोपी से लिखित रूप में तथ्यों की पुष्टि कराई गई। अधिकारियों ने उससे कहा कि वह खुद पुलिस के पास जाकर पूरी जानकारी दे। बताया जाता है कि उसने इसके लिए सहमति भी जताई, लेकिन बाद में पुलिस के पास नहीं गया।
ये खबर भी पढ़ें: बीएसपी ठेका श्रमिकों को केंद्रीय न्यूनतम वेतन, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, ईएसआई का नहीं मिल रहा लाभ
बीएसपी ने पुलिस को बताया, फिर हुई गिरफ्तारी
30 मई को बीएसपी अधिकारियों ने संबंधित थाने की पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताया। पुलिस को यह भी जानकारी दी गई कि आरोपी ने चोरी में अपनी भूमिका स्वीकार की है। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। उसी रात छापेमारी की गई। आरोपी घनश्याम गुप्ता को उसके घर से पकड़ लिया गया। पुलिस की तत्परता और बीएसपी अधिकारियों के सहयोग से मामले में बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी।
ये खबर भी पढ़ें: Sector 9 Hospital Privatization: 29 को BSP कर्मचारी लगाएंगे काला बिल्ला, 30 को हॉस्पिटल के सामने प्रदर्शन, पढ़ें शेड्यूल
11 ट्रक स्क्रैप बाहर भेजने की बात कबूली
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में घनश्याम गुप्ता ने कई अहम जानकारियां दीं। उसने बताया कि अब तक 11 ट्रक स्क्रैप प्लांट से बाहर भेजवाने में उसकी भूमिका थी। हफ्ते में एक ट्रक चोरी का माल बाहर निकलता था। उसने यह भी बताया कि पिछले करीब चार महीने से यह खेल चल रहा था। इसके बदले उसे हर ट्रक पर 5 हजार रुपये मिलते थे। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित स्क्रैप चोरी में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
ये खबर भी पढ़ें: BSP ठेकेदार की मौत पर सस्पेंस: आत्महत्या या हादसा? किचन में नहीं था गैस सिलेंडर, मिला इंडक्शन चूल्हा