Corruption: 25 हजार की रिश्वत एयर इंडिया के डाक्टर को पड़ी भारी, 3 साल की सजा, 1 लाख जुर्माना

सीबीआई अदालत ने मुकदमे के बाद, आरोपी को दोषी पाया और तदनुसार उसे सजा सुनाई। सूचनाजी न्यूज, मुंबई। भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई कोर्ट ने रिश्वतखोरी के एक मामले में एयर इंडिया मुंबई के तत्कालीन डॉक्टर को 3 साल के कठोर कारावास (आरआई) और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश, अहमदाबाद ने रिश्वतखोरी के एक मामले में एयर इंडिया, मुंबई के तत्कालीन डॉक्टर आरोपी डॉ. सुरेश मारोतराव भगतकर को 03 साल के कठोर कारावास (आरआई) और एक लाख रुपये के जु

सीबीआई अदालत ने मुकदमे के बाद, आरोपी को दोषी पाया और तदनुसार उसे सजा सुनाई।

सूचनाजी न्यूज, मुंबई। भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई कोर्ट ने रिश्वतखोरी के एक मामले में एयर इंडिया मुंबई के तत्कालीन डॉक्टर को 3 साल के कठोर कारावास (आरआई) और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश, अहमदाबाद ने रिश्वतखोरी के एक मामले में एयर इंडिया, मुंबई के तत्कालीन डॉक्टर आरोपी डॉ. सुरेश मारोतराव भगतकर को 03 साल के कठोर कारावास (आरआई) और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। ये खबर भी पढ़ें: SAIL Compulsory Retirement: BSP इस्पात भवन के AGM अशोक कुमार लपेटे में, जबरिया रिटायरमेंट के पीछे की ये है कहानी सीबीआई ने रिश्वतखोरी/भ्रष्टाचार के आरोपों पर उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ 03.01.2011 को तत्काल मामला दर्ज किया था। यह आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने एयर इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड में सुरक्षा एजेंट के पद पर नियुक्ति के लिए एक व्यक्ति की मेडिकल जांच की और मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान शिकायतकर्ता से अवैध रिश्वत की मांग की। ये खबर भी पढ़ें: आयुष्मान योजना: रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर में फर्जी क्लेम करने वाले 28 अस्पतालों पर एक्शन, 15 हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन कैंसिल

ब्लड रिपोर्ट में हेराफेरी के लिए रिश्वत 

और उसे अपने रक्त की रिपोर्ट को अनुकूल बनाने के लिए 20,000 से 25,000 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा। आरोपी डॉ. सुरेश मारोतराव भगतकर ने रिश्वत की अपनी मांग को दोहराया और उसे उक्त मांगी गई राशि उसके बैंक खाते में जमा करने के लिए कहा, और बाद में मांगी गई रिश्वत जमा करने के लिए अपना खाता नंबर भेजा। ये खबर भी पढ़ें: BSP के ईडी डाक्टर अशोक कुमार पंडा अब SAIL के डायरेक्टर फाइनेंस, कैबिनेट मुहर का इंतजार

5000 रुपये की राशि उपरोक्त खाते में जमा की गई 

आरोपी के निर्देशानुसार 5000 रुपये की राशि उपरोक्त खाते में जमा कर दी गई। जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई द्वारा 09.11.2011 को आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया। मुकदमे के दौरान, 27 अभियोजन पक्ष के गवाहों की जांच की गई और आरोपी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों के समर्थन में 49 दस्तावेजों/प्रमाणों पर भरोसा किया गया। अदालत ने मुकदमे के बाद, आरोपी को दोषी पाया और तदनुसार उसे सजा सुनाई।