भिलाई स्टील प्लांट के URM में कर्मचारी की करंट से मौत, झोले ने उलझाया रहस्य, प्रत्यक्षदर्शी मजदूर ने ये बताया
रविवार दोपहर पौने 2 बजे तक क्रेन ऑपरेट की गई थी। क्रेन खराब होने की कोई शिकायत नहीं थी। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के यूनिवर्सल रेल मिल-यूआरएम में कर्मचारी की मौत का रहस्य गहरा गया है। ये बात तो साफ है कि करंट लगने से मौत हुई। करंट लगते ही मेन मेडिकल पोस्ट ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने कर्मचारी को मृत घोषित किया। मौके पर ही दम निकल चुकी थी। हादसे का एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी ठेका मजदूर मोहम्मद हसनैन है। हसनैन के बयान ने सबको हैरान कर दिया है। जांच कमेटी को भी सवालों का जवाब सार्
- रविवार दोपहर पौने 2 बजे तक क्रेन ऑपरेट की गई थी। क्रेन खराब होने की कोई शिकायत नहीं थी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के यूनिवर्सल रेल मिल-यूआरएम में कर्मचारी की मौत का रहस्य गहरा गया है। ये बात तो साफ है कि करंट लगने से मौत हुई। करंट लगते ही मेन मेडिकल पोस्ट ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने कर्मचारी को मृत घोषित किया। मौके पर ही दम निकल चुकी थी। हादसे का एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी ठेका मजदूर मोहम्मद हसनैन है। हसनैन के बयान ने सबको हैरान कर दिया है।
जांच कमेटी को भी सवालों का जवाब सार्वजनिक करना होगा, क्योंकि मृत कर्मचारी के परिवार को किसी तरह का नुकसान न होने पाए। मृतक कर्मचारी का भाई आर्मी में है। वह सोमवार को भिलाई पहुंच रहे हैं। इसके बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आदि पूरी होगी। अंतिम संस्कार किया जाएगा। मृतक हरियाणा का मूल निवासी थे।
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सेल भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन के मुताबिक रविवार को यूआरएम के क्रेन नंबर 407 पर कर्मचारी विनोद कुमार की मौत हुई है। ठेका मजदूर ने प्रबंधन को बयान दिया है कि विनोद कुमार ने उसे लेकर क्रेन के ऊपर चढ़े। कौन सा काम करना था, ये पता नहीं था। नियमित कर्मचारी के आदेश पर ठेका मजदूर भी पीछे-पीछे चढ़ा।
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कॉपर का बस बार खोलते समय करंट लगा और मौत हो गई। बस बार क्यों खोला गया, इस बात की जानकारी ठेका मजदूर नहीं दे सका। मौके से करीब आधा दर्जन से ज्यादा बस बार खुला हुआ एक प्लास्टिक के झोले में मिला है। ठेका मजदूर के बयान की पुष्टि कराने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों और सिफ्ट इंचार्ज से पूछताछ की गई। सबका एक ही जवाब था कि क्रेन खराब होने आदि को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली थी। न ही विनोद को मौके पर जाने के लिए बोला गया था।
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रविवार दोपहर पौने 2 बजे तक क्रेन ऑपरेट की गई है। शिफ्ट खत्म होने से पहले ही क्रेन ऑपरेटर उतर गया था। तब तक क्रेन बिल्कुल सही थी। कोई शिकायत नहीं थी। दूसरी शिफ्ट में ऑपरेटर काम शुरू करता, इससे पहले ही हादसा हो गया। ठेका मजदूर से ये भी सवाल किए गए कि इक्यूपमेंट बैग कहां है? इस पर भी मजदूर कोई जवाब नहीं दे सका। जबकि मौके पर सामान्य प्लास्टिक का झोला और उसमें कुछ बस बार मिले हैं।
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ठेका मजदूर से पूछा गया कि क्रेन खराब होने की शिकायत किसी ने की थी क्या? वह जवाब नहीं दे सका। इस बारे में अधिकारियों से पूछताछ हुई तो वहां से बताया गया कि किसी तरह का कोई जॉब करने का आदेश नहीं दिया गया था। क्रेन चालू हालत में थी। ए शिफ्ट में क्रेन का ऑपरेशन चालू था। तमाम सवालों का जवाब तलाशने के लिए जांच कमेटी गठित की जा रही है।
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सेल के सीएमडी डॉक्टर अशोक कुमार पंडा ने डायरेक्टर इंचार्ज, ईडी, सीजीएम स्तर के अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है। साथ ही मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने का आदेश दिया गया है। वहीं, सोशल मीडिया पर कर्मचारी एके मिश्र ने लिखा-डीसी सप्लाई लगने से डेथ हो गया। इसी तरह एक अन्य कर्मचारी निरंजन ने कहा-जो घटनाएं हुई, वो सब सही कार्यशैली नहीं अपनाने के कारण हुई है। जब तक सुपरवाइजर नहीं होगा। कार्यस्थल पर तब-तक यह घटनाएं हमेशा होती रहेगी।
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