ड्यूटी छोड़ कैंटीन में मौज! क्या RINL का फॉर्मूला अपनाएगा SAIL, सीखकर लौटी BSP टीम
भिलाई स्टील प्लांट के इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (IED) की टीम पिछले दिनों लौट चुकी है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई/विशाखापट्टनम। Steel Authority of India Limited के साथ-साथ Rashtriya Ispat Nigam Limited में भी इस्पात सचिव Sandeep Poundrik के फैसलों की चर्चा तेज है। आरआईएनएल में ड्यूटी समय के दौरान कैंटीन में समय बिताने वाले कर्मचारियों पर सख्ती की गई है। कई प्राइवेट कैंटीनों को हटाया गया है। अब केवल टी-टाइम और लंच टाइम में ही कैंटीन की सुविधा दी जा रही है। बाकी समय कर्मचारियों को अपने कार्यस्थ
- भिलाई स्टील प्लांट के इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (IED) की टीम पिछले दिनों लौट चुकी है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई/विशाखापट्टनम। Steel Authority of India Limited के साथ-साथ Rashtriya Ispat Nigam Limited में भी इस्पात सचिव Sandeep Poundrik के फैसलों की चर्चा तेज है। आरआईएनएल में ड्यूटी समय के दौरान कैंटीन में समय बिताने वाले कर्मचारियों पर सख्ती की गई है। कई प्राइवेट कैंटीनों को हटाया गया है। अब केवल टी-टाइम और लंच टाइम में ही कैंटीन की सुविधा दी जा रही है। बाकी समय कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल पर रहना अनिवार्य किया गया है।
इसी व्यवस्था को समझने के लिए Bhilai Steel Plant की एक टीम हाल ही में Visakhapatnam Steel Plant गई थी। टीम वहां मैनपॉवर यूटिलाइजेशन और खर्च कम करने के तरीके सीखने पहुंची थी। कैंटीन व्यवस्था देखकर बीएसपी अधिकारियों की टीम भी हैरान रह गई।
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भिलाई स्टील प्लांट के इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (IED) की टीम पिछले दिनों लौट चुकी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आरआईएनएल में मैनपॉवर के बेहतर उपयोग के लिए कई कठोर फैसले लागू किए गए हैं। कैंटीन में अनावश्यक भीड़ और समय बर्बादी रोकने के लिए सख्ती बरती जा रही है। केवल टी-टाइम और लंच टाइम में ही कर्मचारियों-अधिकारियों को छूट मिलती है। बाकी समय कैंटीन में मिलने वाले कर्मचारियों से कैंटीन सेल के अधिकारी पूछताछ करते हैं। उनका नाम भी नोट किया जाता है।
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आरआईएनएल की मान्यता प्राप्त यूनियन एटक के महासचिव और एनजेसीएस सदस्य डी. आदिनारायण ने बताया कि करीब पांच महीने पहले 150 प्राइवेट कैंटीनों को हटा दिया गया। इन कैंटीनों में नाश्ता और भोजन दोनों उपलब्ध था। अब केवल चुनिंदा क्षेत्रों में चार से पांच प्राइवेट कैंटीन संचालित हो रही हैं। वहीं, कंपनी की आठ कैंटीन चल रही हैं। यहां सब्सिडी दर पर भोजन और नाश्ता मिलता है। इसके लिए समय भी तय किया गया है।
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उन्होंने बताया कि आरआईएनएल के पूर्व सीएमडी अजीत सक्सेना के कार्यकाल में कैंटीन में लंबे समय तक बैठने वालों पर नियंत्रण शुरू हुआ था। बाद में इस्पात सचिव के निर्देश पर सख्ती और बढ़ाई गई। अब फूड वेंडर कार्यस्थल तक खाद्य सामग्री पहुंचाते हैं। कर्मचारी वहीं अपनी जरूरत के अनुसार सामान खरीदते हैं।
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बीएसपी कर्मचारियों का कहना है कि विशाखापट्टनम से लौटने वाली टीम अपनी रिपोर्ट में इस मॉडल का जिक्र जरूर करेगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में Bhilai Steel Plant, Bokaro Steel Plant, Rourkela Steel Plant, IISCO Steel Plant और Durgapur Steel Plant की कैंटीन व्यवस्था पर भी निगरानी बढ़ सकती है।
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बीएसपी के कर्मचारियों का कहना है कि इंडियन कॉफी हाउस समेत कई कैंटीनों में ड्यूटी समय के दौरान टेबल भरे रहते हैं। कुछ कर्मचारी और अधिकारी ड्यूटी पर पहुंचने के बाद भी लंबे समय तक कैंटीनों में बैठे दिखाई देते हैं। इसमें कुछ यूनियन नेता भी शामिल रहते हैं।
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