हादसे में जख्मी BSP कर्मचारी का काटना पड़ा पैर, 3 घंटे तक स्टेरिंग में फंसा रहा चालक
Road Accident में बीएसपी के कोक ओवन कर्मचारी चार्जमैन 55 वर्षीय Ramphal Poorna जख्मी हैं। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई पॉवर हादस के सड़क हादसे ने कोहराम मचा दिया है। हाइवा चालक ने बाइक सवार बीएसपी कर्मचारी को ठोकर मारी थी, जिससे कर्मी का पैर अब काट दिया गया है। जान बचाने के लिए डाक्टरों को ऐसा करना पड़ा, अन्यथा पूरी शरीर जहर की चपेट में आ जाती। वहीं, हाइवा चालक हादसे की वजह से गाड़ी में ही करीब 3 घंटे तक फंसा रहा। किसी तरह उसका बचाया जा सका। जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। चालक खतरे से बाहर
Road Accident में बीएसपी के कोक ओवन कर्मचारी चार्जमैन 55 वर्षीय Ramphal Poorna जख्मी हैं।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई पॉवर हादस के सड़क हादसे ने कोहराम मचा दिया है। हाइवा चालक ने बाइक सवार बीएसपी कर्मचारी को ठोकर मारी थी, जिससे कर्मी का पैर अब काट दिया गया है। जान बचाने के लिए डाक्टरों को ऐसा करना पड़ा, अन्यथा पूरी शरीर जहर की चपेट में आ जाती। वहीं, हाइवा चालक हादसे की वजह से गाड़ी में ही करीब 3 घंटे तक फंसा रहा। किसी तरह उसका बचाया जा सका। जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। चालक खतरे से बाहर बताया जा रहा है। हाइवा चालक वीरेंदु साहू, -किलेपार, बालोद का रहने वाला है। 35 वर्षीय चालक को दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है है। लगातार 3 घंटे तक वह चालक सीट पर स्टेरिंग की वजह से फंसा रहा। इसके चलते उसका पैर सुन्न हो गया था। ये खबर भी पढ़ें: CITU नेता पीई अंताप्पन का निधन, शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज को देहदान, डाक्टर करेंगे रिसर्च
वहीं स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन के 55 वर्षीय कर्मचारी रामफल पुरना को सेक्टर 9 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। घुटने के नीचे का पूरा हिस्सा कुचल गया था। हड्डी कई हिस्से में टूट चुकी थी। मांस की वजह से पैर का पंजा फंसा हुआ था। लगातार का धून का बहाव हो रहा था।
सुबह ही डाक्टरों ने पैर काटने की बात परिवार वालों को बताई थी। इसके बाद रेफर करने की भी बात सामने आई। लेकिन, हालात को देखते हुए सबने यही फैसला लिया कि हादसे की चपेट में आए पैर को काटकर जान बचाई जाए। शाम करीब साढ़े 6 बजे ऑपरेशन करके पैर को घुटने के ऊपर से काट दिया गया है। फिलहाल, स्थिति स्थिर बताई जा रही है। आइसीयू में भी मरीज को रखा गया है।
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