RINL में 8 मौत से एक्शन मोड में SAIL CMD, सभी प्लांट का पोस्टमार्टम, देंगे अपना नंबर, कर्मचारी करेंगे डायरेक्ट कॉल
विशाखापत्तनम हादसे की गूंज सेल तक, सीएमडी ने अधिकारियों से पूछा- सुरक्षा इंतजाम कितने मजबूत? अब सीधे सीएमडी तक पहुंच सकेगी सेफ्टी की शिकायत, जल्द जारी होगा हेल्पलाइन नंबर। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे ने देश के सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में एक अधिकारी समेत आठ कर्मचारियों की मौत के बाद स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है।
- विशाखापत्तनम हादसे की गूंज सेल तक, सीएमडी ने अधिकारियों से पूछा- सुरक्षा इंतजाम कितने मजबूत?
- अब सीधे सीएमडी तक पहुंच सकेगी सेफ्टी की शिकायत, जल्द जारी होगा हेल्पलाइन नंबर।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे ने देश के सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में एक अधिकारी समेत आठ कर्मचारियों की मौत के बाद स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है।
सेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अशोक कुमार पंडा ने मंगलवार को सभी एकीकृत इस्पात संयंत्रों के निदेशक प्रभारी (DIC), कार्यपालक निदेशकों (ED) और मुख्य महाप्रबंधकों (CGM) के साथ ऑनलाइन बैठक की। बैठक का मुख्य विषय सुरक्षा व्यवस्था और संभावित जोखिमों को रोकने की रणनीति रहा।
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स्टील मेल्टिंग शॉप की सुरक्षा पर विशेष फोकस
बैठक में सीएमडी ने विशेष रूप से स्टील मेल्टिंग शॉप-1 (एसएमएस-1) की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों को लेकर अधिकारियों से सीधे सवाल किए। उन्होंने जानना चाहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय कितने प्रभावी हैं और दुर्घटना रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सीएमडी ने स्पष्ट संदेश दिया कि सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए।
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कर्मचारियों को मिलेगा सीधे सीएमडी तक पहुंचने का मौका
बैठक के दौरान सीएमडी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के पास सुरक्षा से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण सुझाव या चिंता है, तो वह सीधे उनसे संपर्क कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले संबंधित सीजीएम को जानकारी दी जानी चाहिए। यदि वहां सुनवाई नहीं होती है तो मामला ईडी और डीआईसी तक ले जाया जाए। इसके बाद भी समाधान नहीं मिलने पर कर्मचारी सीधे सीएमडी से संपर्क कर सकेंगे। इसके लिए जल्द ही एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा, जो सभी कार्मिकों के बीच साझा किया जाएगा।
हर 15 दिन में होगी समीक्षा बैठक
सीएमडी ने यह भी तय किया कि सुरक्षा से जुड़ी समीक्षा अब केवल औपचारिकता नहीं रहेगी। उन्होंने घोषणा की कि ऐसी बैठकें हर 15 दिन में आयोजित की जाएंगी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी हो सके और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते दूर किया जा सके।
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सुरक्षा सिर्फ नियम नहीं, जीवन की रक्षा का संकल्प
विशाखापत्तनम हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि इस्पात उद्योग जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों का पालन केवल प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।
ल प्रबंधन का यह कदम न केवल दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में अहम माना जा रहा है, बल्कि कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखने का अवसर भी देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा संस्कृति को संगठन के हर स्तर पर मजबूत किया जाए, तो कई बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
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