सैलरी SAIL से और ड्यूटी टाइम में कारोबार अपना, कर्मचारियों-अधिकारियों की आ रही स्पेशल लिस्ट, संरक्षण देने वालों पर गिरेगी गाज

इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक की सख्ती का असर जल्द ही दिख सकता है। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल में मैनपॉवर कम करने के लिए हर तरह का दांव खेला जा रहा है। इस्पात मंत्रालय के लगातार फॉलो करने की वजह से प्रक्रिया में तेजी आ गई है। अंतिम रिजल्ट क्या होगा, यह तो आने वाला समय बताएगा। फिलहाल, कुछ कार्मिकों और ड्यूटी में अपना कारोबार करने वालों को रडार पर ले लिया गया है। सेल के अधिकारी बता रहे हैं कि इस्पात सचिव की सख्ती का असर है कि गोपनीय लिस्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही एक

  • इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक की सख्ती का असर जल्द ही दिख सकता है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल में मैनपॉवर कम करने के लिए हर तरह का दांव खेला जा रहा है। इस्पात मंत्रालय के लगातार फॉलो करने की वजह से प्रक्रिया में तेजी आ गई है। अंतिम रिजल्ट क्या होगा, यह तो आने वाला समय बताएगा। फिलहाल, कुछ कार्मिकों और ड्यूटी में अपना कारोबार करने वालों को रडार पर ले लिया गया है। सेल के अधिकारी बता रहे हैं कि इस्पात सचिव की सख्ती का असर है कि गोपनीय लिस्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही एक लिस्ट सामने आएगी। ड्यूटी के लिए हाजिरी लगाने के बाद अपने कारोबार में मगन हो जाने वाले कर्मचारी और अधिकारी इस बार लपेटे में आ रहे हैं। साथ ही संरक्षण देने वाले अधिकारी भी बच नहीं सकेंगे। ये खबर भी पढ़ें: SAIL NEWS: क्या 1000 अधिकारी-कर्मचारियों की नौकरी पर संकट, पहले आएगा CR, फिर लागू होगा परमानेंट VRS…? सेल के भिलाई स्टील प्लांट, बोकारो स्टील प्लांट सबसे ज्यादा शिकायतों का शिकार है। यहां कुछ अधिकारी और कर्मचारी ईमानदारी से काम करने वाले कार्मिकों की मेहनत का मजाक उड़ा रहे हैं। एक तरफ खून-पसीना एक करके कार्मिक राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। वहीं, छुटभैय्या नेता और अपना कारोबार करने वाले कुछ कार्मिक कंपनी से सैलरी ले रहे, लेकिन अटेंडेंस के अलावा कोई योगदान नहीं दे रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें: BIG NEWS: इस्पात सचिव का सख्त आदेश, प्लांट में मजदूर की मौत पर तुरंत लें एक्शन, 3 साल में हुई मौत और कार्रवाई की मांग ली रिपोर्ट ऐसे ही कार्मिकों को चिन्हित करने का दौर शुरू हो गया है। ईमानदार कार्मिक इस्पात सचिव और इस्पात मंत्रालय की वेबसाइट पर इसकी रिपोर्ट भी भेजने जा रहे हैं। साक्ष्यों के साथ विस्तृत रिपोर्ट दी जाएगी। ये खबर भी पढ़ें: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अधिकारियों के वेतन संशोधन समिति गठन की मांग, SEFI ने PRC पर ये कहा… सेल अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से बोल दिया है कि इस बार संरक्षण देने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। कंपनी को लगातार आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने वाले कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों को रोकने के बजाय संरक्षण देने के आरोप में गाज गिरनी तय है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL पेंशन स्कीम, मेडिक्लेम, HRA, आयकर, पर्क्स, अस्पताल, JO प्रमोशन, इंक्रीमेंटल PRP पर SEFI की मैनेजमेंट से हुई बात वहीं, सीजीएम, जीएम कार्यालय में मौज काटने वालों पर खास नज़र रखी जा रही है। जी-साहब-जी साहब करने वाले फंस सकते हैं। अटेंडेंस लगाकार कारोबार में लीन होने वालों से कंपनी की सैलरी बर्बाद हो रही है। अब परफॉर्मेंस के आधार पर ही कॅरियर ग्रोथ की बात कही जा रही है। खास बात यह है कि जो ईमानदार कर्मचारी और अधिकारी हैं, उनके लिए भी कुछ प्लानिंग की गई है।
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