Steel Authority of India Limited: मैनपावर सप्लाई करने 2 भारतीय, 1 नीदरलैंड की एजेंसी इम्पैनल, यहीं से होगी भर्ती

SAIL का बड़ा फैसला। भिलाई, बोकारो, आरएसपी, डीएसपी, आइएसपी समेत सभी प्लांट, एसआरयू में नई व्यवस्था। SAIL में ठेका व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 3 राष्ट्रीय एजेंसियों को मिली मैनपावर सप्लाई की जिम्मेदारी। स्थानीय ठेकेदारों के लिए झटका? SAIL ने मैनपावर सप्लाई हेतु बदली गई पुरानी व्यवस्था। सेल के सभी सभी स्टील प्लांट को अब दक्ष और अनुभवी श्रमिक इन्हीं एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL ) में मैनपावर सप्लाई व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया

  • SAIL का बड़ा फैसला। भिलाई, बोकारो, आरएसपी, डीएसपी, आइएसपी समेत सभी प्लांट, एसआरयू में नई व्यवस्था।
  • SAIL में ठेका व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 3 राष्ट्रीय एजेंसियों को मिली मैनपावर सप्लाई की जिम्मेदारी।
  • स्थानीय ठेकेदारों के लिए झटका? SAIL ने मैनपावर सप्लाई हेतु बदली गई पुरानी व्यवस्था।
  • सेल के सभी सभी स्टील प्लांट को अब दक्ष और अनुभवी श्रमिक इन्हीं एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में मैनपावर सप्लाई व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। इस्पात मंत्रालय की अनुशंसा पर तीन केंद्रीय एजेंसियों को इम्पैनल किया गया है। अब भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर, इस्को-बर्नपुर, अलॉय स्टील प्लांट, सेलम स्टील प्लांट, विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील प्लांट तथा SAIL की विभिन्न खदानों में आवश्यकतानुसार कुशल एवं अनुभवी श्रमिक इन्हीं एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। सेल कारपोरेट आफिस से इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। इम्पैनल की गई एजेंसियों में Quess Corporation Ltd., Randstad India Pvt. Ltd. और Innovsource Services Pvt. Ltd. शामिल हैं। इनमें से 2 एजेंसी भारतीय और एक नीदरलैंड की है, लेकिन मुख्यालय चेन्नई में है। भिलाई इस्पात संयंत्र सहित SAIL के विभिन्न इकाइयों में लंबे समय से कार्यरत स्थानीय ठेकेदारों और उनसे जुड़े श्रमिकों पर इस नई व्यवस्था का असर पड़ना तय है। SAIL स्तर पर तीन केंद्रीय एजेंसियों को इम्पैनल किए जाने के बाद भविष्य में मैनपावर की आपूर्ति मुख्य रूप से इन्हीं के माध्यम से किए जाने की योजना है। ये खबर भी पढ़ें: BSP स्क्रैप चोरी कांड: 3.22 करोड़ की हेराफेरी का मास्टरमाइंड यूपी से दबोचा गया, 7 दिन की पुलिस रिमांड संयंत्रों में साफ-सफाई, रखरखाव तथा अन्य कार्यों के लिए करोड़ों रुपये के ठेके दिए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक कार्यरत रहते हैं। इसके अलावा वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, ऑपरेटर और अन्य तकनीकी श्रमिकों की आवश्यकता भी समय-समय पर पड़ती है। अब ऐसे कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इन एजेंसियों को सौंपी गई है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL BSP से Form 16 जारी, आयकर रिटर्न भरने की तैयारी, ई-सहयोग और अग्रज संवाद में उपलब्ध हालांकि इस व्यवस्था के पीछे इस्पात मंत्रालय की आधिकारिक मंशा अभी स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि यदि एजेंसियां बाहरी राज्यों से अधिक संख्या में श्रमिक लाती हैं, तो स्थानीय श्रमिकों के रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। इसी तरह स्थानीय ठेकेदारों पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL Plot-Land Lease Renewal Policy 2026: बोकारो स्टील प्लांट का ऑर्डर जारी, 1 रुपए, 10%, 25% शुल्क इस कदम से निश्चित ही स्थानीय स्तर पर ग्रामीण अंचलों से जो श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो जाते थे, उनके समक्ष भी रोजगार का संकट हो जाएगा, क्योंकि यह स्पष्ट है कि ये बाहरी एजेंसी अपने साथ बाहर के ही श्रमिक बहुतायत में रखेंगे। जैसा कि अभी भी एसएमएस 3 और ब्लास्ट फर्नेस 8 में देखने मे आ रहा है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL Voluntary Retirement Scheme: बीएसपी, बोकारो, ISP, DSP, राउरकेला स्टील प्लांट समेत खदान से वीआर लेने वालों की इसी महीने विदाई उल्लेखनीय है कि SAIL में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) के माध्यम से नियमित कर्मचारियों की संख्या में भी कमी लाई जा रही है। ऐसे में भविष्य में संयंत्रों की मैनपावर आवश्यकताओं की पूर्ति इन इम्पैनल एजेंसियों के जरिए किए जाने की संभावना जताई जा रही है। ये खबर भी पढ़ें: सुरक्षा के मास्टरमाइंड जीपी सिंह बने SAIL के सेफ्टी एडवाइजर, भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व CGM के नाम पेटेंट और कॉपी राइट भी जानिए तीनों कंपनियों के बारे में Quess Corp Limited (क्वेस कॉर्प लिमिटेड) स्थापना वर्ष 2007 में बेंगलुरु में हुई। भारत की बड़ी स्टाफिंग और वर्कफोर्स सॉल्यूशन कंपनियों में शामिल। BFSI, रिटेल, टेलीकॉम, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और जीसीसी सेक्टर को सेवाएं देती है। 4.8 लाख से अधिक कर्मचारियों का विशाल कार्यबल। भारत समेत 8 देशों में परिचालन। 3,000 से अधिक कॉर्पोरेट ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है। जनरल स्टाफिंग, प्रोफेशनल स्टाफिंग, भर्ती, आरपीओ (Recruitment Process Outsourcing) और एग्जीक्यूटिव सर्च में विशेषज्ञता। ग्रेट प्लेस टू वर्क का प्रमाणन प्राप्त। बड़े औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए मैनपावर उपलब्ध कराने का व्यापक अनुभव। ये खबर भी पढ़ें: SAIL ने FY27 के लिए तय की नई रणनीति, स्पेशल स्टील, कॉस्ट कंट्रोल पर फोकस, पढ़ें CMD अशोक पंडा की प्लानिंग Randstad India Pvt. Ltd. (रैंडस्टैड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) रैंडस्टैड दुनिया की सबसे बड़ी टैलेंट और एचआर सर्विस कंपनियों में से एक है। मूल कंपनी का मुख्यालय नीदरलैंड्स में स्थित है। भारत में मुख्यालय चेन्नई, तमिलनाडु में है। स्टाफिंग, स्थायी भर्ती, एग्जीक्यूटिव सर्च और आरपीओ सेवाएं प्रदान करती है। देशभर में कार्यालयों का विस्तृत नेटवर्क। विविध उद्योगों के लिए कुशल एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराती है। 39 देशों में परिचालन करने वाले वैश्विक समूह का हिस्सा। ISO 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन प्रमाणन प्राप्त। श्रम बाजार की गहरी समझ और बड़े उद्योगों के साथ काम करने का अनुभव। कंपनियों की जरूरत के अनुसार तकनीकी, प्रशासनिक और औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारियों की आपूर्ति करती है। ये खबर भी पढ़ें: Non-Financial Motivation Scheme: बीएसपी कर्मचारियों को चाहिए नॉन फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम का पैसा Innovsource Services Pvt. Ltd. (इनोवसोर्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड) स्थापना वर्ष 2004 में हुई। भारत की प्रमुख स्टाफिंग और भर्ती सेवा प्रदाता कंपनियों में शामिल। मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है। 20 वर्षों से अधिक का मानव संसाधन प्रबंधन अनुभव। देशभर में 50 से अधिक शाखाओं का नेटवर्क। 550 से अधिक कॉर्पोरेट ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है। 75,000 से अधिक कर्मचारियों और सहयोगियों का प्रबंधन करने का दावा। स्टाफिंग, फेसेलिटी मैनेजमेंट और एचआर टेक्नोलॉजी सेवाओं में विशेषज्ञता। 3,500 से अधिक लोकेशनों पर तैनाती का अनुभव। डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप और 24×7 हेल्पडेस्क के माध्यम से कर्मचारियों एवं कंपनियों को सेवाएं उपलब्ध कराती है।