राउरकेला स्टील प्लांट के डीआइसी ने महिला अफसरों से क्यों कहा-कांच की छत तोड़ें और दूसरों को मलबे पर चलने दें

सांसारिक दिनचर्या से मुक्त होने और अपने स्वयं के विकास और समाज की भलाई के लिए सार्थक कदम उठाने का आग्रह, "उठो और आगे बढ़ो।" सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। सेल के राउरकेला स्टील प्लांट (SAIL - Rourkela Steel plant) के डायरेक्टर इंचार्ज आलोक वर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। महिला अफसरों से संवाद किया। उन्होंने कहा-“कांच की छत को तोड़ें और मलबे को साफ न करें, ताकि उस पर चलने वाले लोग आपकी उपलब्धियों का एहसास करें।” ये खबर भी पढ़ें: सेल की AI&U प्रतियोगिता में बीएसएल के चार कार्मिकों का जलवा, डीआइसी के

  • सांसारिक दिनचर्या से मुक्त होने और अपने स्वयं के विकास और समाज की भलाई के लिए सार्थक कदम उठाने का आग्रह, "उठो और आगे बढ़ो।"
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। सेल के राउरकेला स्टील प्लांट (SAIL - Rourkela Steel plant) के डायरेक्टर इंचार्ज आलोक वर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। महिला अफसरों से संवाद किया। उन्होंने कहा-“कांच की छत को तोड़ें और मलबे को साफ न करें, ताकि उस पर चलने वाले लोग आपकी उपलब्धियों का एहसास करें।” ये खबर भी पढ़ें: सेल की AI&U प्रतियोगिता  में बीएसएल के चार कार्मिकों का जलवा, डीआइसी के हाथों सम्मानित निदेशक प्रभारी (डीआईसी) आरएसपी, सह अतिरिक्त प्रभार डीआईसी (दुर्गापुर इस्पात संयंत्र और इस्को इस्पात संयंत्र), ने मंथन कॉन्फ्रेंस हॉल में आरएसपी की लगभग 50 महिला अधिकारियों के साथ बातचीत की। ‘नेतृत्व की भूमिका महिलाओं के लिए है’ विषय पर 2 दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र पर डीआइसी ने ये कहा था। ये खबर भी पढ़ें: BSL में दो नए सीएनसी रोल ग्राइंडिंग मशीन का ऑपरेशन शुरू, बढ़ेगा प्रोडक्शन इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) तरुण मिश्र, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) बी आर पलाई, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) अनिल कुमार, कार्यपालक निदेशक (खान) एमपी सिंह, सत्र विशेषज्ञ संचालिका, कविता रामकृष्णप्पा और सभी प्रतिभागी उपस्थित थे। ये खबर भी पढ़ें: इंटरनेशनल डॉक्टर्स डे 2025 पर बीजीएच में कर्मचारियों-अधिकारियों ने किया रक्तदान अपने संबोधन में आलोक वर्मा ने प्रतिभागियों से सांसारिक दिनचर्या से मुक्त होने और अपने स्वयं के विकास और समाज की भलाई के लिए सार्थक कदम उठाने का आग्रह किया। "उठो और आगे बढ़ो" की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने उन्हें बातचीत करने, चर्चा करने और सहयोगात्मक रूप से उनके सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया। ये खबर भी पढ़ें: भिलाई टाउनशिप के कब्जेदारों पर पुलिस संग टूट पड़ा भिलाई स्टील प्लांट, पढ़ें डिटेल उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आरएसपी के सभी ब्लास्ट फर्नेस का नाम उन देवियों के नाम पर रखा गया है जो पहले से ही स्त्री शक्ति और ताकत का प्रतिनिधित्व और मान्यता दे रही हैं। सभी कार्यपालक निदेशकों ने आरएसपी में महिला अधिकारियों के प्रयासों की भी सराहना की और उल्लेख किया कि महिलाएं जन्म से ही नेता होती हैं। उन्हें कार्यस्थल पर नेताओं के रूप में स्थापित करने के लिए बस सही अवसर और शिक्षा प्राप्त करने की आवश्यकता है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL का 9597 करोड़ कैश कलेक्शन, टॉप पर BSP, BSL दूसरे, RSP तीसरे नंबर पर, नगरनार ने जुटाए 662 करोड़ सभी प्रतिभागियों ने कार्यशाला से अपने अनुभव और सीख साझा की। प्रारंभ में, मुख्य महाप्रबंधक (एचआर-एलएंडडी) पीके साहू ने सभा का स्वागत किया। वरिष्ठ प्रबंधक (एलएंडडी) बिनीता तिर्की ने समारोह का समन्वय किया। ये खबर भी पढ़ें: एसपीएसबी अंतर इस्पात संयंत्र शतरंज प्रतियोगिता 2025: ईडी-सीजीएम और ओलंपियन-सेफी चेयरमैन में कड़ा मुकाबला दो दिवसीय सत्र के दौरान कविता ने नेतृत्व के विभिन्न आयामों की खोज की, जैसे कि आंतरिक शक्तियों को जागृत करना, नेतृत्व की भूमिकाओं को अपनाने के लिए आराम क्षेत्रों से आगे बढ़ना, दूसरों को प्रभावित करना, लिंग के दृष्टिकोण से बातचीत करना और मुखरता और आक्रामकता के बीच अंतर को समझना। ये खबर भी पढ़ें: जब दृष्टि छिनी, तब दृष्टिकोण ने राह बनाई, बीएसपी कर्मी सौरभ वार्ष्णेय बने नज़ीर आकर्षक उपाख्यानों, संवादात्मक गतिविधियों और भूमिका-नाटकों के माध्यम से उन्होंने महिलाओं को जुनून के साथ नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही विश्वसनीयता, विश्वसनीयता, सहानुभूति और निर्णायकता के मूल्यों को भी अपनाया। ये खबर भी पढ़ें: राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खरगे आ रहे छत्तीसगढ़, तैयारी में जुटे कांग्रेसी, भिलाई में अहम बैठक