Big News: राउरकेला स्टील प्लांट में सेफ्टी का हाई-टेक कवच, कोक ओवन में लगे CCTV कैमरे और रडार सिस्टम

Big News Rourkela Steel Plant gets High-Tech Safety Cover, CCTV and Radar Systems Installed in Coke Ovens

लॉन्ग ट्रैवल मूवमेंट को अपने आप रोकने की क्षमता। टक्कर और गंभीर हादसों की आशंका खत्म हो जाती है।

सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के राउरकेला स्टील प्लांट से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। कार्यस्थल की सुरक्षा को और मजबूत करने तथा आधुनिक तकनीक को अपनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राउरकेला स्टील प्लांट के कोक ओवन बैटरी नंबर 1, 3, 4 और 5 में सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली और रडार आधारित प्रॉक्सिमिटी डिटेक्शन सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।

यह परियोजना करीब 1.60 करोड़ रुपये की लागत से विशाखापट्टनम की एम/एस लोटस वायरलेस टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पूरी की गई है। नई व्यवस्था को कोक ओवन की रैम कार और गाइड कार में लगाया गया है, जहां दरवाजा खोलना, फ्रेम की सफाई, कोक पुशिंग और गर्म कोक को क्वेंचिंग कार में भेजने जैसे बेहद महत्वपूर्ण और जोखिम भरे कार्य होते हैं।

अब तक ऑपरेटर केबिन की स्थिति और भारी संरचनाओं के कारण ऑपरेटरों को ट्रैक पर काम कर रहे डोरमैन और अन्य कर्मचारियों की सही दृश्यता नहीं मिल पाती थी। खासकर रात के समय यह स्थिति गंभीर सुरक्षा खतरे पैदा करती थी। इन्हीं चुनौतियों को दूर करने के लिए यह एकीकृत सुरक्षा समाधान लागू किया गया।

नाइट विजन कैमरे से लैस है सिस्टम

परियोजना के तहत 80 इंडस्ट्रियल ग्रेड इंफ्रारेड नाइट-विजन कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें मजबूत IP67 स्टेनलेस स्टील एनक्लोजर में सुरक्षित किया गया है। ये कैमरे 16 राम कार्स और गाइड कार्स में लगाए गए हैं, जिससे दिन और रात दोनों समय कार्यस्थल और मूवमेंट ज़ोन की लाइव निगरानी संभव हो पाई है। इसके साथ ही ओवन मशीनों के दोनों ओर सायरन और विजुअल फ्लैशर भी लगाए गए हैं, जो मशीन के मूवमेंट की सूचना कर्मचारियों को देते हैं।

पहले देगा अलॉम, फिर बचाएगा हादसे से

सुरक्षा को और पुख्ता करते हुए 8 गाइड कार्स में रडार आधारित प्रॉक्सिमिटी डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। कुल 32 रडार सेंसर कोक ओवन बैटरी नंबर 1, 3, 4 और 5 में स्थापित किए गए हैं। यह सिस्टम गाइड कार ट्रैक के पास 5 मीटर के सेफ्टी ज़ोन में किसी भी व्यक्ति या वस्तु के आने पर तुरंत अलर्ट देता है और लॉन्ग ट्रैवल मूवमेंट को अपने आप रोक देता है, जिससे टक्कर और गंभीर हादसों की आशंका खत्म हो जाती है।

हादसों को रोकने में कारगर है

इन आधुनिक प्रणालियों के लागू होने से ब्लाइंड ज़ोन में बड़ी कमी आई है, रात के समय कामकाज ज्यादा सुरक्षित हुआ है और जानलेवा दुर्घटनाओं को रोकने में प्रभावी मदद मिली है।

इस नई सुरक्षा प्रणाली का उद्घाटन एम. हीरालाल महापात्रा, सीजीएम (सेफ्टी एंड फायर सर्विसेज) ने किया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। परियोजना का सफल क्रियान्वयन और कमीशनिंग संबंधित अधिकारियों के मार्गदर्शन में पूरी की गई, जबकि कार्यक्रम का समन्वय कोक ओवन विभाग की ओर से किया गया।

आरएसपी के इन अधिकारियों का खास योगदान
यह पहल राउरकेला स्टील प्लांट में ‘सेफ्टी फर्स्ट’ की प्रतिबद्धता को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है। नई प्रणाली का उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा और अग्निशमन सेवाएँ), हीरालाल महापात्रा ने मुख्य महाप्रबंधक (अपवर्तक), एस एस पंडा, महाप्रबंधक (सीसीडी), बीके तिवारी, महाप्रबंधक (सुरक्षा), अबकास बेहेरा, महाप्रबंधक (सीओ), के श्रीनिवासुलु, महाप्रबंधक एवं अनुभाग प्रमुख (विद्युत- सीओ), एके. बारा, महाप्रबंधक एवं अनुभाग प्रमुख (यांत्रिक- सीओ), एस. चंदा, विभागीय सुरक्षा अधिकारी (कोक ओवन), एम चौरासिया और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति में परियोजना को सफलतापूर्वक निष्पादित किया गया है।

इस परियोजना को उप महाप्रबंधक ( कोक ओवन- विद्युत), एके प्रधान और उप महाप्रबंधक ( कोक ओवन-विद्युत), बीसी साहू ने मुख्य महाप्रबंधक (सीओ-सीसीडी), आर. जोशी के सक्रिय मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूरा किया और चालू किया। वरिष्ठ प्रबंधक (कोक ओवन्स), श्री धीरज कुमार ने कार्यक्रम का समन्वय किया।