Durgapur Township: वाहन का संतुलन बिगड़ने, स्टीयरिंग पर नियंत्रण प्रभावित होने और दुर्घटना या चोट की आशंका पैदा हो सकती है।
- CITU बोला-गड्ढों में अस्थायी रूप से सामग्री डालकर सड़क को चलने योग्य बनाए रखना उचित समाधान नहीं, स्थायी रूप से दुरुस्त करें।
सूचनाजी न्यूज, दुर्गापुर। सेल के दुर्गापुर स्टील प्लांट (DSP) टाउनशिप की बदहाल सड़कों पर गड्ढों को भरने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे BOF स्लैग को लेकर सुरक्षा सवाल खड़े हो गए हैं। हिंदुस्तान स्टील एम्प्लॉइज यूनियन (HSEU-CITU) ने टाउनशिप की सड़कों, स्पीड ब्रेकर और सड़क के किनारों की स्थिति को लेकर मुख्य महाप्रबंधक (टाउनशिप) को पत्र लिखकर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
यूनियन के अध्यक्ष बिस्वरूप बनर्जी ने कहा कि टाउनशिप में क्षतिग्रस्त सड़कों को मोटरेबल बनाने के लिए कई जगह गड्ढों में BOF स्लैग डाला जा रहा है। यूनियन ने टाउनशिप मेंटेनेंस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा तरीके से खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए अतिरिक्त दुर्घटना का खतरा पैदा हो सकता है।
20 से 40 एमएम के बड़े स्लैग टुकड़ों से दोपहिया चालकों को खतरा
HSEU के मुताबिक गड्ढों में इस्तेमाल किया जा रहा BOF स्लैग अपेक्षाकृत बड़े और गोलाकार टुकड़ों वाला है, जिसका आकार कथित तौर पर 20 से 40 एमएम या उससे अधिक की श्रेणी में है। यूनियन का कहना है कि सड़क की सतह पर यदि ऐसे ढीले और असमान स्लैग के टुकड़े पड़े रह जाते हैं तो दोपहिया वाहन का टायर उनके ऊपर आने से अचानक फिसल सकता है।
इससे वाहन का संतुलन बिगड़ने, स्टीयरिंग पर नियंत्रण प्रभावित होने और दुर्घटना या चोट की आशंका पैदा हो सकती है। यूनियन ने इस स्थिति को सड़क सुरक्षा के लिहाज से गंभीर बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
गड्ढों में डाले स्लैग की जांच और कॉम्पैक्शन की मांग
यूनियन ने मांग की है कि BOF स्लैग से भरे गए सभी गड्ढों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। सड़क पर मौजूद ढीले या बड़े स्लैग के टुकड़ों को हटाने अथवा उन्हें उचित तरीके से कॉम्पैक्ट कर उपयुक्त ग्रेडेड सामग्री से कवर करने की मांग की गई है, ताकि दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा कम हो सके।
स्पीड ब्रेकर पर भी उठाए सवाल
HSEU ने टाउनशिप के स्पीड ब्रेकरों को लेकर भी प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया है। यूनियन ने कहा है कि सभी स्पीड ब्रेकर निर्धारित मानक आकार और विनिर्देशों के अनुसार बनाए जाने चाहिए। साथ ही स्पीड ब्रेकरों पर पर्याप्त रोड मार्किंग या पेंट किए जाने की मांग की गई है, ताकि वे विशेषकर रात और कम दृश्यता की स्थिति में वाहन चालकों को स्पष्ट रूप से दिखाई दें।
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सड़क किनारों को भी मजबूत करने की मांग
पत्र में सड़कों के दोनों ओर के ढीले और असमान किनारों की स्थिति को भी दुर्घटना का संभावित कारण बताया गया है। यूनियन ने ऐसे हिस्सों को उचित तरीके से कॉम्पैक्ट करने की मांग की है। HSEU ने तकनीकी रूप से उपयुक्त होने पर सड़क के किनारों को स्थिर बनाने के लिए माइनस-20 एमएम स्लैग/डस्ट के इस्तेमाल पर विचार करने का सुझाव दिया है।
सिर्फ अस्थायी पैबंद नहीं, स्थायी मरम्मत की मांग
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जो सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और सुरक्षित यातायात के लिए व्यावहारिक रूप से अनुपयुक्त हैं, उनकी स्थायी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए। HSEU का कहना है कि लंबे समय तक गड्ढों में अस्थायी रूप से सामग्री डालकर सड़क को चलने योग्य बनाए रखना उचित समाधान नहीं है। ऐसी सड़कों को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाना चाहिए।
दोपहिया आवाजाही वाले रास्तों की विशेष सुरक्षा जांच
यूनियन ने मरम्मत किए गए सड़क हिस्सों, स्पीड ब्रेकर और सड़क के किनारों का व्यापक सुरक्षा निरीक्षण कराने की भी मांग की है। विशेष रूप से उन मार्गों पर ध्यान देने को कहा गया है, जहां दोपहिया वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। HSEU ने पत्र में कहा है कि सड़क की अस्थायी मरम्मत खुद दुर्घटना का कारण नहीं बननी चाहिए। कर्मचारियों, टाउनशिप के निवासियों और अन्य सभी सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की मांग की गई है। पत्र की प्रति सेल के Director In-Charge, ISP, DSP & ASP तथा Executive Director (HR), DSP को भी भेजी गई है।
