इंटक की मांग: रिटेंशन स्कीम की अवधि 2 वर्ष की जाए और स्योरिटी की बाध्यता बीएसपी करे समाप्त

INTUC Demands The Duration of Retention Scheme Should Be Made 2 Years BSP Should End The Requirement of Security
  • रिटेंशन स्कीम की अवधि 6 माह से बढ़ाकर 2 वर्ष किया जाए। कर्मचारियों से स्योरिटी लेने की बाध्यता समाप्त किया जाए।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील इंप्लाइज यूनियन इंटक ने संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) के नाम का ज्ञापन आईआर विभाग में सौंपा। यूनियन ने मांग किया कि रिटेंशन स्कीम की अवधि 6 माह से बढ़ाकर 2 वर्ष किया जाए एवं इसके लिए कर्मचारियों से स्योरिटी लेने की बाध्यता समाप्त किया जाए।

इंटक यूनियन ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को उनके पारिवारिक जरूरत को देखते हुए भिलाई प्रबंधन द्वारा 2 वर्ष के लिए क्वार्टर रिटेंशन पर दिया जाता था, जिससे कर्मचारियों को बहुत राहत मिल रहा था। लेकिन कुछ वर्ष पहले रिटेंशन अवधि को प्रबंधन द्वारा 2 वर्ष से घटाकर 6 महीना कर दिया गया।

Vansh Bahadur

यूनियन ने कहा कि रिटेंशन पर क्वार्टर लेने की प्रक्रिया की जटिलता एवं कर्मचारियों की जरूरत को देखते हुए मात्र 6 माह के लिए रिटेंशन पर क्वार्टर देना बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं है। इतने कम अवधि में कर्मचारी जिन जरूरतों के लिए क्वार्टर रिटेंशन पर लेता है, वह पूरा नहीं हो पाता है।

उसे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारी रिटेंशन पर क्वार्टर लेने के लिए 8 से 10 लाख रुपए प्रबंधन के पास सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा रखता है। रिटेंशन पर क्वार्टर देने से टाउनशिप में अवैध कब्जों से भी बचाव होता है।

इंटक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि रिटेंशन पर क्वार्टर लेने के लिए प्रबंधन द्वारा 5 वर्ष सर्विस शेष रहने वाले कर्मचारियों से स्योरिटी ली जाती है। संयंत्र के अधिकांश कर्मचारी रिटायर होने की कगार पर है ऐसे में 5 वर्ष की सर्विस बचे रहने वाले कर्मचारियों से स्योरिटी लेना बहुत मुश्किल हो रहा है। जब कर्मचारी 8 से 10 लाख रुपए प्रबंधन के पास सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा कर रहा है, तो उसे स्योरिटी लाने की क्या जरूरत है।

यूनियन ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र में 30-35 वर्षों तक सेवाएं देने वाले कर्मचारी को 6 माह की बजाय 2 वर्ष के लिए क्वार्टर रिटेंशन पर दिया जाए एवं स्योरिटी लाने की बाध्यता को समाप्त किया जाए, जिससे कर्मचारियों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े एवं संयंत्र के क्वार्टर भी सुरक्षित रहें।

इस दौरान प्रबंधन से महाप्रबंधक (मानव संसाधन) जेएन ठाकुर, विकास चंद्रा, वरिष्ठ प्रबंधक प्रियंका मीणा, यूनियन से महासचिव वंश बहादुर सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष पूरन वर्मा, उपाध्यक्ष अजय कुमार मार्टिन, गिरिराज देशमुख, उप महासचिव शिव शंकर सिंह, वरिष्ठ सचिव के रमन मूर्ति, सचिव डी शंकर, किशोर प्रधान, गणेश कुमार सोनी, राजकुमार नायर, विजय विश्वकर्मा, अरविंद प्रताप सिंह, राजेश सिंह सिसोदिया, शैलेंद्रकांत सक्सेना, एन चंद्रा नायक आदि उपस्थित थे।