जग्गी हत्याकांड: पूर्व सीएम के बेटे अमित जोगी को उम्रकैद की सजा, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की सुप्रीम कोर्ट में याचिका

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  • मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश अरविंद कुमार वर्मा ने यह फैसला सुनाया।

सूचनाजी न्यूज, रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस के नेता अमित जोगी को बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश अरविंद कुमार वर्मा ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने अमित जोगी को 7 दिनों के भीतर सरेंडर करने के निर्देश भी दिए हैं।

दूसरी तरफ अमित जोगी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। इस फैसले के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। एक्स पर अमित जोगी ने लिखा-आज सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 25.03.2026 और 02.04.2026 के दोनों निर्णयों को एक साथ जोड़ते हुए 20.04.2026 को संयुक्त सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

आज की सुनवाई में मेरे पक्ष में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा और सिद्धार्थ दवे ने प्रभावी रूप से पक्ष रखा। मैं सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश का स्वागत करता हूँ। मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरे साथ हुआ गंभीर अन्याय अब सुधारा जाएगा। सत्य और न्याय की जीत अवश्य होगी।

2003 में हुई थी सनसनीखेज हत्या

गौरतलब है कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या कर दी गई थी, जिससे प्रदेश की राजनीति में भारी हलचल मच गई थी। यह मामला लंबे समय तक प्रदेश के सबसे चर्चित आपराधिक-राजनीतिक मामलों में शामिल रहा।

निचली अदालत ने किया था बरी

इस मामले में वर्ष 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। बाद में जग्गी के बेटे ने इस फैसले को चुनौती दी, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। वहां से इसे पुनः सुनवाई के लिए हाईकोर्ट भेजा गया था।

अमित जोगी ने फैसले पर उठाए सवाल

फैसले से पहले 2 अप्रैल को अमित जोगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि उन्हें सुनवाई का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। उन्होंने कहा था कि अदालत ने सीबीआई की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया और उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।

जोगी ने इसे “अप्रत्याशित” बताते हुए कहा था कि जिस व्यक्ति को पहले अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई के दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें न्याय मिलेगा। अमित जोगी ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और उनके लिए प्रार्थना करने की अपील भी की है।