दिल्ली में इंटक, सीटू, बीएमएस, एटक और एचएमएस के प्रतिनिधि और सेल प्रबंधन आमने-सामने। सितंबर में भिलाई ने किया 3373 करोड़ का कैश कलेक्शन।
- बोनस के नाम पर चूरन देने की नीति में यदि आज सुधार नहीं हुआ तो आर पार की लड़ाई कैसे होती यह प्रबंधन देखने की तैयारी करे- बीएकेएस
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली/भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के कर्मचारियों के बोनस को लेकर आज दिल्ली में होने वाली बैठक पर हजारों कर्मचारियों की नजर टिकी हुई है। कुछ ही देर में इंटक, सीटू, बीएमएस, एटक और एचएमएस के प्रतिनिधि सेल प्रबंधन के साथ बोनस को लेकर वार्ता करेंगे। यूनियन नेताओं की ओर से पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बोनस की मांग रखे जाने की उम्मीद है।
बोनस वार्ता से पहले सितंबर 2026 के कैश कलेक्शन के आंकड़ों ने कर्मचारियों की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। सितंबर में पूरे सेल समूह ने 11,588 करोड़ रुपये का कैश कलेक्शन किया, जबकि लक्ष्य 11,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था। यानी सेल ने लक्ष्य से 588 करोड़ रुपये अधिक का कैश कलेक्शन किया है।
सितंबर में भिलाई ने किया 3373 करोड़ का कैश कलेक्शन
भिलाई स्टील प्लांट: ₹3,373 करोड़
बोकारो स्टील प्लांट: ₹2,623 करोड़
दुर्गापुर स्टील प्लांट: ₹1,029 करोड़
राउरकेला स्टील प्लांट: ₹2,421 करोड़
इस्को स्टील प्लांट: ₹1,621 करोड़
एलॉय स्टील प्लांट: ₹122 करोड़
सेलम स्टील प्लांट: ₹169 करोड़
भद्रावती: ₹42 करोड़
आरआईएनएल: ₹186 करोड़
कुल: ₹11,588 करोड़
लक्ष्य: ₹11,000 करोड़
आंकड़ों के मुताबिक भिलाई स्टील प्लांट 3,373 करोड़ रुपये के कैश कलेक्शन के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद बोकारो ने 2,623 करोड़ और राउरकेला ने 2,421 करोड़ रुपये का कैश कलेक्शन किया।
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अब बोनस की राशि पर टिकी निगाह
सितंबर में लक्ष्य से अधिक कैश कलेक्शन की खबर सामने आने के बाद कर्मचारियों के बीच बोनस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि जब कंपनी ने निर्धारित लक्ष्य से 588 करोड़ रुपये अधिक का कैश कलेक्शन किया है तो इसका लाभ बोनस के रूप में भी कर्मचारियों को मिलना चाहिए।
आज होने वाली बैठक में यूनियन नेताओं और सेल प्रबंधन के बीच बोनस की राशि को लेकर बातचीत अहम रहने वाली है। पिछली बार की तुलना में कितना अधिक बोनस तय होता है और प्रबंधन यूनियन नेताओं की मांग पर क्या रुख अपनाता है, इसका फैसला बैठक के बाद ही साफ होगा।
धक्का-मुक्की किसी से की।
बोनस का मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है, जब सेल कर्मचारियों के बीच वेतन, प्रदर्शन और कंपनी की वित्तीय उपलब्धियों के आधार पर बोनस को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। अब सबकी निगाहें दिल्ली की बैठक और उसके संभावित नतीजे पर हैं।
बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ के महासचिव हरिओम का कहना है कि रिकॉर्ड उत्पादन, रिकॉर्ड कैस कलेक्शन, घटते मैन पावर, बढ़ता उत्पादकता के साथ बढ़ता कार्य बोझ,फिर भी बोनस के नाम पर चूरन देने की यह तानाशाही नीति में यदि आज सुधार नहीं हुआ तो आर पार की लड़ाई कैसे होती यह प्रबंधन देखने की तैयारी करे।
