अफोर्डेबिलिटी क्लॉज से अधिकारियों का तीसरा वेतन पुनरीक्षण निर्धारित तिथि 1 जनवरी 2017 के बजाय 1 अप्रैल 2020 से हुआ।
- वित्तीय वर्ष 2024-25 का पीआरपी सेल अधिकारियों को जुलाई की सैलरी के साथ मिलेगा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अधिकारियों को परफॉर्मेंस रिलेटेड पे (PRP) का भुगतान किया जा रहा है। जुलाई माह के वेतन के साथ अधिकारियों के खातों में पीआरपी की पूरी राशि एकमुश्त जमा की जाएगी। हालांकि, इस बार अधिकारियों को मिलने वाली पीआरपी पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब आधी है।
जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पीआरपी मद में सेल प्रबंधन ने करीब 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके मुकाबले वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अधिकारियों को 194 करोड़ रुपये का पीआरपी दिया गया था। कंपनी के प्रदर्शन (Performance) में आए बदलाव के कारण इस बार पीआरपी की राशि में उल्लेखनीय कमी आई है। वहीं, पीआरपी भुगतान की खबर आते ही कर्मचारियों ने भी अपने बकाया एरियर की मांग उठा दी है। 39 माह के बकाया एरियर का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। लाखों रुपए कर्मचारियों का बकाया है।
एमओयू रेटिंग में देरी से रुका था भुगतान
सेफी (SAIL Executives’ Federation of India) के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के पीआरपी का भुगतान लोक उद्यम विभाग (DPE) के दिशा-निर्देशों के अनुसार एमओयू (MoU) रेटिंग जारी होने के बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही हो जाना चाहिए था। हालांकि, कुछ कारणों से इसमें विलंब हुआ और अब इसका भुगतान किया जा रहा है।
चौथे वेतन पुनरीक्षण पर भी नजर
सेफी अध्यक्ष ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सेल के सभी अधिकारी कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2027 से अधिकारियों का चौथा वेतन पुनरीक्षण (4th Pay Revision) लागू होना है और इसे समय पर लागू कराने के लिए सेफी लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अफोर्डेबिलिटी क्लॉज के कारण अधिकारियों का तीसरा वेतन पुनरीक्षण निर्धारित तिथि 1 जनवरी 2017 के बजाय 1 अप्रैल 2020 से लागू किया गया था। ऐसे में अधिकारी चाहते हैं कि इस बार चौथे वेतन पुनरीक्षण में किसी प्रकार की देरी न हो।
PRP क्यों हुआ कम
ल में पीआरपी का भुगतान कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, डीपीई के दिशा-निर्देशों, एमओयू रेटिंग और स्वीकृत पीआरपी कॉर्पस के आधार पर किया जाता है। इसलिए कंपनी के प्रदर्शन में बदलाव का सीधा असर अधिकारियों को मिलने वाली पीआरपी राशि पर पड़ता है। इस बार यही प्रमुख वजह मानी जा रही है, जिसके कारण पीआरपी का कुल प्रावधान पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम हो गया है।

