- प्रबंधन द्वारा वित्तीय घाटे का हवाला देकर एरियर भुगतान को रोका जा रहा है।
- इंटक बोला-यह रवैया गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। राउरकेला श्रमिक संघ (INTUC) ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के डायरेक्टर (पर्सनल) केके सिंह को पत्र लिखकर श्रमिकों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को उठाया है। संघ ने पत्र में एनजेसीएस (NJCS) समझौते के लंबित रहने सहित विभिन्न समस्याओं पर चिंता जताते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।
राउरकेला श्रमिक संघ के महासचिव प्रशांत कुमार बेहरा के अनुसार, 01 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2026 तक के लिए होने वाला एनजेसीएस समझौता अब तक संपन्न नहीं हुआ है, जो कि सेल के इतिहास में पहली बार है। ट्रेड यूनियनों द्वारा बार-बार आग्रह के बावजूद प्रबंधन ने सब-कमेटी की बैठकों का आयोजन कर लंबित मामलों को अंतिम रूप देने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की है। इसमें 39 महीने के एरियर भुगतान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी शामिल हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रबंधन द्वारा वित्तीय घाटे का हवाला देकर एरियर भुगतान को रोका जा रहा है, जबकि पूर्व में घाटे के समय भी कर्मचारियों के अधिकारों से समझौता नहीं किया गया था। संघ का कहना है कि यह रवैया गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है।
इसके अलावा, एएसपीएलआईएस (ASPLIS) योजना में संशोधन नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई है। संघ ने आरोप लगाया कि समझौते की अवधि समाप्त होने के बावजूद प्रबंधन पुराने फार्मूले के आधार पर ही भुगतान कर रहा है, जबकि कर्मचारियों पर काम का बोझ और जिम्मेदारियां बढ़ चुकी हैं।
ग्रेच्युटी के मामले में भी प्रबंधन पर एकतरफा निर्णय लेने का आरोप लगाया गया है। संघ के अनुसार, गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी सीलिंग तय करना पूर्व समझौते के विपरीत है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। पत्र में कहा गया है कि कंपनी के रेफरल अस्पतालों द्वारा निर्धारित आवश्यक दवाएं कंपनी अस्पताल में उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, जिससे कर्मचारियों और उनके आश्रितों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
संविदा श्रमिकों के मुद्दे पर संघ ने आरोप लगाया कि उन्हें न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है, जबकि वे प्लांट के संचालन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। साथ ही “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत को लागू करने की मांग भी दोहराई गई है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो औद्योगिक संबंध (IR) प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही अन्य ट्रेड यूनियनों से भी अपील की गई है कि वे प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाएं और सरकार व आम जनता का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित करें।













