- आरएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज आलोक वर्मा ने पूर्व एमडी के बेटे अंकित को शोक संदेश भेजा।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला/भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल ने 18 फरवरी को बीएसपी के पूर्व ईडी वर्क्स बीएमके बाजपेयी को खोया था। अब राउरकेला स्टील प्लांट के पूर्व एमडी एसएन सिंह के निधन की खबर ने सबको झकझोर दिया है। राउरकेला स्टील प्लांट के पूर्व एमडी एसएन सिंह DSP-BSP में ईडी थे। BSL और ISP से गहरा नाता भी रहा।
स्व. एसएन सिंह गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। कोलकाता में बेटे के साथ रहते थे। दो पुत्र चंद्रशेखर और अंकित हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नारायण गढ़ ग्राम के रहने वाले थे। 75 वर्ष की आयु में कोलकाता में ही निधन हुआ। कोलकाता के गरिया आदि महा श्मशान घाट पर ही अंतिम संस्कार किया गया। बीजीएच में कार्यरत रहे बच्चा सिंह के समधी थी। इसलिए बोकारो से भी रिश्तेदार कोलकाता पहुंचे हुए हैं।
हर तरफ शोक की लहर है। आरएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज आलोक वर्मा ने पूर्व एमडी के बेटे अंकित को शोक संदेश भेजा। संदेश में लिखा-आपके पिता के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं स्वीकार करें। RSP के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर, वह एक दूर की सोचने वाले लीडर थे, जिन्होंने ताकत और दया दोनों के साथ नेतृत्व किया। उनके साथी और पूरी इंडस्ट्री उनका बहुत सम्मान करती थी। स्टील प्लांट और राउरकेला शहर के लिए उनका योगदान बेमिसाल है। इस गहरे नुकसान से उबरने में मेरी दुआएं आपके और आपके परिवार के साथ हैं।
राउरकेला स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण परियोजना को धार देन में स्व. एसएन सिंह का खास योगदान रहा। दिसंबर 2008 से सितंबर 2011 तक वह अपनी निगरानी में प्रोजेक्ट को पूरा कराने में दिन-रात लगे रहते थे। इन्हीं के कार्यकाल में शुरू हुए प्रोजेक्ट को पीएम नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था।
सेल अधिकारियों ने साझा किए अनुभव, दी श्रद्धांजलि
ईडी एचआर राउरकेला: आरएसपी के ईडी एचआर तरुण मिश्र ने गुजरी बातों को याद किया। कहा-जब मैं डीएसपी में कार्यरत था, तब तत्कालीन ईडी एसएन सिंह के साथ बहुत करीब से काम करने का अवसर मिला। वह किसी भी ब्रेकडाउन के दौरान सीधे शॉप फ्लोर पर पहुंच जाते थे।
मैकेनिकल इंजीनियर होने के कारण किसी भी बड़े मैकेनिकल ब्रेकडाउन में वे स्वयं मौके पर पहुंचकर त्वरित समाधान के लिए सुझाव देते थे।
एके सिंह, अध्यक्ष-बीएसओए: स्व. एसएन सिंह सर के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल को एक नई ऊंचाई देने में वाले एसएन सिंह अब हम लोगों के बीच नहीं है। कोलकाता में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। बोकारो के अधिकारी-कर्मचारी उनके योगदान को याद कर गमगीन हो गए हैं। एक महान हस्ती को हम लोगों ने खो दिया है।
कार्यवाहक सीजीएम एचआर बीएसपी: जीएम इंचार्ज एचआर ज्योतिंद्र नाथ ठाकुर बताते हैं कि एसएन सिंह एक बहुत ही सज्जन और महान आत्मा थे। भिलाई में उनके छोटे से कार्यकाल के दौरान जो भी उनके संपर्क में आया, वह उन्हें याद रखेगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
चित्तरंजन साहू: इतनी बुरी खबर सुनकर दुख हुआ! बहुत नरम दिल, शांत और सज्जन इंसान! प्लांट टेक्नो इकोनॉमिक्स, कॉस्ट कंट्रोल और कॉस्ट कम करने के उपायों, PIW, PEW, AMR प्रोजेक्ट्स और सर्विसेज़ वगैरह के सिलसिले में मुझे उनसे अक्सर मिलने का मौका मिला।
Former Chief General Manager: विजय माथुर लिखते हैं कि RSP के MD बनने से पहले वे भिलाई में ED (MM) थे। जब मैं RDCIS में था, तब हमारी HOMM मीटिंग्स में उनसे मेरी कुछ बातचीत हुई थी। वे बहुत नरम दिल इंसान थे, वे अच्छे श्रोता भी थे।
जानिए पूर्व एमडी शेष नारायण सिंह का पूरा सफर
-शेष नारायण सिंह ने स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) के मैनेजिंग डायरेक्टर का पदभार अगस्त 2008 संभाला था।
-इससे पहले वे SAIL के दुर्गापुर स्टील प्लांट में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (वर्क्स) थे।
-कानपुर यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल में B.Sc (Engg.) की पढ़ाई पूरी की और 1972 में जूनियर इंजीनियर के तौर पर RSP में शामिल हुए।
-अगले 30 सालों में, उन्होंने बोकारो स्टील प्लांट में हैवी मेंटेनेंस और कैपिटल रिपेयर्स जैसे ऑपरेशन के अलग-अलग एरिया में सफलतापूर्वक काम किया।
-साल 2002 में IISCO सेल में एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर कॉर्पोरेट ऑफिस में ट्रांसफर हो गए।
-जुलाई 2004 में उन्हें बोकारो स्टील प्लांट में जनरल मैनेजर (मैकेनिकल) के तौर पर पोस्ट किया गया, जहाँ बाद में उन्होंने मैकेनिकल ज़ोन को हेड किया।
-इसके तुरंत बाद, एसएन सिंह को आयरन एंड स्टील ज़ोन का GM इंचार्ज बनाया गया।
-अक्टूबर, 2006 में उन्हें प्रमोट किया गया और भिलाई स्टील प्लांट में ED (MM) के तौर पर पोस्ट किया गया।
-नवंबर 2007 में उन्हें DSP में ED (वर्क्स) के तौर पर पोस्ट किया गया।
पूर्व एमडी की महारत
पूर्व एमडी एसएन सिंह के पास इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग से IIIE डिग्री थी और वे इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियर्स के फेलो भी रहे। उन्होंने USSR और ऑस्ट्रेलिया में ब्लास्ट फर्नेस कैपिटल रिपेयर्स और बेल-लेस टॉप के इंस्टॉलेशन के अलग-अलग पहलुओं पर बहुत ज़्यादा ट्रेनिंग ली। उन्होंने एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ़ इंडिया (ASCI) के एडवांस मैनेजमेंट प्रोग्राम के तहत इटली, फ्रांस और स्विट्जरलैंड का दौरा किया था।
बोकारो स्टील प्लांट में किया था ये कमाल
-एक शानदार टेक्नोक्रेट एसएन सिंह ने देश में पहली बार बोकारो स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस 5 में 20 ट्यूयर्स की जगह 24 ट्यूयर्स लगाने में अहम भूमिका निभाई थी।
-उन्होंने 20 से ज़्यादा कैपिटल रिपेयर्स, ब्लास्ट फर्नेस की रीलाइनिंग की योजना बनाई और उन्हें पूरा किया, और दुर्गापुर, भिलाई और राउरकेला स्टील प्लांट्स के BF रिपेयर्स के दौरान भी मदद की।
-SMS के क्षेत्र में, मिस्टर सिंह को एक ही पीस में 100 टन कनवर्टर शेल बदलने के साथ-साथ ट्रूनियन शाफ्ट की इंस्टीट्यूट रिपेयर्स को ऑर्गनाइज़ करने का खास अनुभव है। स्लैबिंग मिल में रहते हुए, उन्हें मेन स्टैंड कैपिटल रिपेयर्स और शियर चेंजिंग का अनुभव है।
-कॉर्पोरेट ऑफिस में IISCO सेल के एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर, श्री सिंह ने IISCO के रिवाइवल पैकेज को लागू करने में अहम योगदान दिया। उनके द्वारा अपनाई गई स्ट्रेटेजी ने IISCO के टर्नअराउंड में अहम योगदान दिया।















