पुरानी जमा राशि सुरक्षित रहेगी और NPS में चली जाएगी। आगे 2% अंशदान देना है या नहीं, यह कर्मचारी की मर्जी पर निर्भर करेगा।
- SAIL Employees Superannuation Benefit Fund (SESBF) की बैठक का मिनट्स ऑफ मीटिंग सार्वजनिक।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अहम फैसला लिया गया है। पिछले दिनों कोलकाता में हुई SAIL Employees Superannuation Benefit Fund (SESBF) की बैठक में कर्मचारियों के वेतन से की जाने वाली 2% कटौती को बंद करने का निर्णय लिया गया है। मिनट्स ऑफ मीटिंग सार्वजनिक की गई है। इससे में कर्मचारियों की जिज्ञासा का जवाब दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
आयकर अधिनियम 1961 की धारा 115BAC (न्यू टैक्स रिजीम) लागू होने के बाद SESBF में कर्मचारी अंशदान पर अब आयकर अधिनियम के चैप्टर VI-A के तहत छूट नहीं मिल रही है। इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय
2% कटौती होगी बंद
कर्मचारियों के बेसिक पे+डीए का 2% जो हर महीने SESBF में जमा किया जाता था, उसे 1 अप्रैल 2026 से बंद कर दिया जाएगा। अर्थात मार्च 2026 की सैलरी, जो अप्रैल 2026 में मिलेगी, से यह कटौती नहीं होगी।
जमा राशि NPS में ट्रांसफर होगी
31 मार्च 2026 तक SESBF खाते में कर्मचारियों की जितनी भी जमा राशि और उस पर ब्याज (accrual) है, उसे सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित कर्मचारियों के NPS खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
स्वैच्छिक विकल्प मिलेगा
SAIL प्रबंधन कर्मचारियों को यह विकल्प देगा कि वे चाहें तो बेसिक + डीए का 2% अंशदान स्वेच्छा से अपने NPS खाते में जारी रख सकते हैं। यह पूरी तरह वैकल्पिक होगा और कंपनी द्वारा किए जा रहे नियमित अंशदान के अतिरिक्त होगा।
ट्रस्ट बंद करने और फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया
SESBF ट्रस्टियों ने चेयरमैन राजीव पांडेय और सचिव पवन कुमार अग्रवाल को ट्रस्ट बंद करने और फंड NPS में ट्रांसफर करने की पूरी प्रक्रिया तय करने का अधिकार दिया है। इसमें बीच में रिटायर या नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के मामलों को भी शामिल किया जाएगा। बैठक में लिए गए इन निर्णयों को मैनेजिंग ट्रस्टीज ने अपनाने की सिफारिश की है।
कर्मचारियों के लिए क्या मतलब?
1 अप्रैल 2026 से वेतन में 2% की कटौती नहीं होगी।
पुरानी जमा राशि सुरक्षित रहेगी और NPS में चली जाएगी।
आगे 2% अंशदान देना है या नहीं, यह कर्मचारी की मर्जी पर निर्भर करेगा।
सेल कर्मचारियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण वित्तीय बदलाव माना जा रहा है।








