- ट्रांसफर प्रक्रिया एक समान्य नीति के तहत होने चाहिए, न कि अधिकारी के निजी इच्छा पर होने चाहिए।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचार संघ ने सेल कारपोरेट कार्यालय के अधिशासी निदेशक राजीव पाण्डेय को कड़ा पत्र लिखकर सीटीसी मीटिंग में किए जा रहे धांधली को रोकने तथा पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
अध्यक्ष हरिओम का कहना है कि सेल कारपोरेट कार्यालय की कई गलत कार्यप्रणाली का शिकार सेल का आम कर्मचारी वर्ग हो रहा है, जिसका एक उदाहरण अनुकंपा अधारित स्थानांतरण के लिए गठित सीटीसी कमेटी की मीटिंग है। जिसकी बैठक न तो समय पर आयोजित की जाती है तथा न ही बैठक होने के बाद उसके परिणाम भी पारदर्शी तरिके से जारी किया जाता है।
एक ही प्रकृति तथा एक ही कारणों के आधार पर किए गए आवेदनों पर अलग-अलग मनमाना निर्णय लिया जाता है तथा लिए गए निर्णय का आधार भी नहीं बताया जाता है।
ट्रांसफर प्रक्रिया एक समान्य नीति के तहत होने चाहिए, न कि अधिकारी के निजी इच्छा पर होने चाहिए। सीटीसी गाइडलाइन में सभी तथ्यों का स्पष्ट जिक्र किया गया है। फिर भी सेल कारपोरेट प्रबंधन द्वारा मनमाना निर्णय लिया जा रहा है, जिसका प्रमाण 17/02/2026 को हुई सीटीसी मीटिंग है। एक तो यह मीटिंग 11/04/2025 के बाद आयोजित की गई (करीब 10 माह बाद), जबकि तीन माह में मीटिंग आयोजित करने का नियम है।
वहीं, दूसरी तरफ अस्वीकृत आवेदनों का कारण, अस्वीकृत करने वाले यूनिट/अधिकारी का नाम भी न तो सीटीसी पोर्टल/केयर पोर्टल/एचआरएमएस पोर्टल पर बताया जाता है। न ही आवेदकों को व्यक्तिगत जानकारी दी जाती है।
इस गुप्त तथा गलत प्रक्रिया के कारण सभी कार्मिकों का विश्वास सेल प्रबंधन पर से उठ रहा है। यूनियन ने मांग किया है कि 17/02/2026 को आयोजित हुई मीटिंग का मिनट्स जारी किया जाए। सभी आवेदकों को लिए निर्णय की जानकारी तथा उसका आधार दें। भविष्य में प्रत्येक सीटीसी मीटिंग भी तीन माह में करना सुनिश्चित करें।
बीएकेएस बोकारो अध्यक्ष हरिओम बोले-सेल को कंपनी की नीतियों की जगह अधिकारीगणों के पर्सनल इच्छा से संचालित किया जा रहा है। लिखित नीति के बावजूद सीटीसी के नियमों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।















